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दस भाषण सुनने से ज्यादा प्रभावशाली होता है एक नाटक देखना- डॉ . अम्बेडकर

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रिपोर्ट – परवेज आलम 

प्रयागराज। बहुजन साहित्य, कला और संस्कृति के साथ-साथ बहुजन रंगमंच के संरक्षण, संबर्धन और उसके विकास के साथ उसके पुनर्स्थापत्य की दिशा में काम कर रही प्रयागराज की एकमात्र संस्था, ट्रस्ट प्रबुद्ध फाउंडेशन और सहयोगी संस्थाओं में देवपाती मेमोरियल ट्रस्ट, डा. अम्बेडकर वेलफेयर एसोसिएशन (दावा), बाबासाहेब शादी डाट काम द्वारा चलाया जा रहा अतिआवश्यक अभियान जो अब एक आंदोलन बन चुका है। ऐसे लोग जो किसी कारण बस रंगमंच तक नहीं पहुँच पाते हैं अब नाटक आपके गांव के गली मोहल्ले यहां तक कि आपके आंगन तक पहुँच रहा है। अब आप लोग अपनी कॉलोनी व अपने गांव में अपने दरवाजे पर एक भव्य नाटक को देखकर आश्चर्यचकित हो सकते हैं और नाटक के जादू में बंधकर हमेशा के लिए नाटकों के दर्शक बन सकते हैं और कुछ लोग संस्थागत प्रख्यात कलाकार बनकर सफलता के उच्चतम शिखर पर पहुंच सकते हैं ऐसे कलाकार बहुजन महापुरूषों के सपनो को साकार करते हुए बहुजन रंगमंच को पुनर्स्थापित कर बहुजन समाज के सांस्कृतिक मार्ग को सशक्त और प्रशस्त किया जा रहा है।
ज्ञान के प्रतीक राष्ट्रनायक बोधिसत्व बाबासाहेब डा. भीमराव रामजी अम्बेडकर जी के 133 वें जन्मदिन के पावन अवसर पर हाईकोर्ट स्थित डा.अम्बेडकर मूर्ति स्थल पर अयोजित एकदिवसीय समानता के संघर्ष का डा. अम्बेडकर मेला- 2024 में नृत्य नाटक व गायन की दर्जनों प्रस्तुतियों ने जयंती समारोह की भव्यता में चार चांद लगा लगाते हुए संकल्प लिया था कि यमुनापार की दर्जनों गांवों में प्रबुद्ध फाउंडेशन द्वारा संचालित प्रबुद्घ पाठशाला के सात से सत्रह आयु वर्ग के बच्चो के सृजनात्मक कलात्मक और व्यक्तित्व विकास के लिए प्रबुद्घ बाल रंगमंच अभियान के तहत प्रत्येक बहुजन बहुल्य बस्ती में दर्जनों नृत्य, नाटक व गायन की तैयारियों के साथ उसी गांव में प्रस्तुति दी जाएगी। बहुजन समाज की गैरराजनैतिक जड़ो को मजबूत करने की इस अनूठे पहल का गांव के लोग बतौर दर्शक बनकर लाभान्वित होंगे तथा बहुजन समाज का सांस्कृतिक मार्ग सशक्त और प्रशस्त बनेगा।
प्रबुद्ध फाउंडेशन के प्रबन्धक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता रंगकर्मी रंगनिर्देशक आईपी रामबृज अपने किए गए वादे अनुसार प्रयागराज के यमुनापार की तहसील बारा के विकास खण्ड जसरा स्थित ग्रामसभा पांडर का मजरा कालिका का पूर्वा में एक उन्नतीस दिवासीय प्रस्तुतिपरक ग्रीष्मकालीन प्रबुद्ध बाल रंग कार्यशाला का आयोजन विगत 26 मई से अपराह्न 04 बजे से शाम 07 बजे तक चलाया जा रहा है। इस कार्यशाला में दौना, छिड़िया, जसरा और कालिका का पूर्वा से लगभग पांच दर्जन से अधिक बच्चें बच्चियां प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रशिक्षण के उपरान्त आगामी 23 जून को अपराह्न 02 बजे से करमा स्थित लक्ष्मी गेस्ट हाउस के मंच पर दर्जनों नृत्य नाटक व गायन की प्रस्तुतियां कर कार्यशाला का समापन किया जायेगा।

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