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आजमगढ़ में रात के अँधेरे में पुलिस और बदमाशों के बीच जबरदस्त मुठभेड़

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आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र में शनिवार तड़के पुलिस और गो-तस्करों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश के दाहिने पैर में गोली लग गई, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। घायल बदमाश को पुलिस ने मौके पर ही दबोच लिया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के अनुसार, प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अहरौला थाने की टीम रात करीब तीन बजे क्षेत्र में गश्त, अपराध नियंत्रण और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि सहराजा मोड़ से निजामपुर की ओर दो गो-तस्कर गोवध की नीयत से जा रहे हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम तरकूलहा के पास घेराबंदी कर मोटरसाइकिल सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण की चेतावनी दिए जाने के बावजूद बदमाशों की ओर से लगातार फायरिंग होती रही। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश के दाहिने पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर गिर पड़ा।

घायल अभियुक्त की पहचान जाकिर उर्फ शैफ निवासी कुरैशी टोला माहुल, थाना अहरौला के रूप में हुई है। वह अहरौला थाने का घोषित हिस्ट्रीशीटर (HS-30A) है। पूछताछ में उसने अपने फरार साथी का नाम दिलशाद उर्फ लालू निवासी कस्बा माहुल बताया है। घायल अभियुक्त को प्राथमिक उपचार के बाद सीएचसी फूलपुर से जिला अस्पताल रेफर किया गया।

मौके से पुलिस ने एक अवैध तमंचा, दो खोखा, दो जिंदा कारतूस तथा बिना नंबर प्लेट की सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि वह अपने साथियों के साथ सुनियोजित ढंग से गोवध और गौ-तस्करी करता था। वे देर रात सुनसान इलाकों में घूम रहे गोवंश को पकड़कर निर्जन स्थानों पर अवैध वध करते और मांस ऊंचे दामों पर बेचते थे। साक्ष्य मिटाने के लिए अवशेष नदी-नालों में फेंक दिए जाते या जमीन में गाड़ दिए जाते थे। कुछ गोवंशों को बिहार सहित अन्य प्रांतों में अवैध रूप से बेचने की बात भी सामने आई है।

पुलिस ने फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दबिश तेज कर दी है। घटनास्थल को सुरक्षित कर फील्ड यूनिट द्वारा साक्ष्य संकलन किया गया। घायल अभियुक्त जाकिर उर्फ शैफ के खिलाफ हत्या, गैंगस्टर एक्ट और गोवध निवारण अधिनियम सहित कुल आठ गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।

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