आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। देर रात चेकिंग के दौरान पशु तस्करी में लिप्त दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया, जबकि उनके दो अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस को यह सफलता उस समय मिली जब ग्राम डुमरी मखदुमपुर के पास गोकशी की घटना में शामिल तस्करों के गुजरने की सूचना मिली। इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन उसमें सवार आरोपियों ने वाहन की रफ्तार तेज कर दी।
पुलिस ने जब पीछा किया तो खुद को घिरता देख बदमाश पिकअप छोड़कर पैदल भागने लगे और पुलिस टीम पर हमला कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस द्वारा की गई नियंत्रित फायरिंग में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी, जिससे वे घायल होकर गिर पड़े। पुलिस ने तत्काल उन्हें हिरासत में ले लिया। वहीं, दो अन्य आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे।
घायल बदमाशों की पहचान रफीक उर्फ टोनी और राहुल यादव के रूप में हुई है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उनके साथ सलमान और मन्नान फरार हो गए हैं। पुलिस ने दोनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। मौके से पिकअप वाहन को कब्जे में लेकर उसमें लदे प्रतिबंधित पशुओं को भी बरामद किया गया है।
पूछताछ के दौरान रफीक और राहुल ने कई अहम खुलासे किए। उन्होंने स्वीकार किया कि वे सलमान, मन्नान, अबू शाद, अबू जैद, दिलशाद, फरीद, शकील, रेहान और कामरान के साथ मिलकर संगठित रूप से गोकशी की घटनाओं को अंजाम देते थे। यह गिरोह जौनपुर बॉर्डर से सटे इलाकों से प्रतिबंधित पशुओं को पकड़कर पिकअप वाहन से ले जाता था और गोकशी के बाद मांस की बिक्री से मिलने वाली रकम आपस में बांट लेता था।
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक भुवनेश चौबे अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में पशु तस्करी करने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि गोकशी और पशु तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।
