आजमगढ़ : शनिवार को पार्टी की मासिक बैठक जिलाध्यक्ष हवलदार यादव की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में प्रदेशभर में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (S.I.R.) अभियान के दौरान कथित अनियमितताओं और धांधली को लेकर गहन चर्चा हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री व विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, विधायक डॉ. संग्राम यादव, विधायक नफीस अहमद, अखिलेश यादव, कमलाकांत राजभर, पूजा सरोज, पूर्व सांसद नंदकिशोर यादव तथा जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोग फॉर्म-7 पर फर्जी हस्ताक्षर कराकर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कटवाने की कोशिश कर रहे हैं। वक्ताओं का कहना था कि बीएलओ पर दबाव बनाकर उनसे जबरन हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर खतरा है।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई तो समाजवादी पार्टी जनआंदोलन के लिए मजबूर होगी। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अपील की गई कि वे हर बूथ और हर गांव में टोली बनाकर मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सतर्क रहें और किसी भी अनियमितता का तत्काल विरोध करें।
बैठक में इस बात पर भी चिंता जताई गई कि कुछ अधिकारी भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के विरुद्ध जाकर बीएलओ को गलत निर्देश दे रहे हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया कि ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान कर जिलाधिकारी और चुनाव आयोग को लिखित शिकायत भेजी जाएगी।
वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे तार्किक विसंगतियों, नो-मैपिंग और अन्य नोटिसों के जवाब देने में मतदाताओं की मदद करें। जिन मतदाताओं के नाम छूट गए हैं, उनके नाम फॉर्म-6 के माध्यम से जुड़वाने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। खासतौर पर महिलाओं के वोट अधिक छूटने की बात सामने आई, जिस पर तत्काल कार्रवाई का आह्वान किया गया।
बैठक में भाजपा सरकार पर भी तीखा हमला बोला गया। नेताओं ने कहा कि प्रदेश में विकास, कानून-व्यवस्था और रोजगार के मोर्चे पर सरकार पूरी तरह विफल रही है। महंगाई चरम पर है और तानाशाही रवैये के कारण संसद व विधानसभाओं का कामकाज बाधित हो रहा है। पिछड़ों और दलितों के आरक्षण पर भी हमले का आरोप लगाते हुए कहा गया कि जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाया जा रहा है।
बैठक में बड़ी संख्या में पार्टी नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा का संकल्प लिया।
