गौहनिया (प्रयागराज) कड़ाके की ठंड में जरूरतमंदों के लिए राहत बनकर सामने आए बारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. वॉचस्पति ने गुरुवार को गौहनिया स्थित एम.वी. कॉन्वेंट स्कूल परिसर में एक विशाल जनसेवा कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर उन्होंने 800 से अधिक असहाय, निर्धन और बुजुर्ग लोगों को कंबल वितरित कर ठंड से राहत प्रदान की। यह आयोजन न केवल सहायता वितरण तक सीमित रहा, बल्कि मानवीय संवेदना, करुणा और जनप्रतिनिधि की सामाजिक जिम्मेदारी का सशक्त उदाहरण भी बना।
कार्यक्रम के दौरान कंबल पाकर बुजुर्गों और जरूरतमंदों के चेहरों पर राहत और संतोष साफ झलक रहा था। कई लोगों ने विधायक डॉ. वॉचस्पति को दुआएं देते हुए कहा कि जब जनप्रतिनिधि जनता के दुख-दर्द को समझे और समय पर मदद करे, तो लोगों में सुरक्षा और भरोसे की भावना मजबूत होती है। पूरे आयोजन का माहौल भावुक और प्रेरणादायक बना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. वॉचस्पति ने कहा कि राजनीति का असली उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि समाज के सबसे कमजोर और वंचित वर्ग की सेवा करना है। उन्होंने कहा, “जब तक अंतिम व्यक्ति तक राहत और विकास नहीं पहुंचेगा, तब तक मेरा संघर्ष और सेवा जारी रहेगी।” उनके इस संबोधन को उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ सराहा।
इस अवसर पर विधायक ने अपने कार्यकाल के चार वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक ‘चार साल बेमिसाल’ का विमोचन भी किया। इसके साथ ही कार्यक्रम में पत्रकारों को सम्मानित कर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज की सच्ची तस्वीर सामने लाने का कार्य करते हैं और लोकतंत्र की रीढ़ हैं।
कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी बारा प्रेरणा गौतम, एसीपी बारा निकिता श्रीवास्तव, रेड विभाग से एक्सियन एस.पी. मिश्रा, एई मनोज श्रीवास्तव, जेई हीरा लाल, जेई के.के. मौर्य, पीडब्ल्यूडी विभाग से एई कृपा शंकर श्रीवास्तव, जेई अरविंद, जेई अमर पाल सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और क्षेत्र के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। अधिकारियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक डॉ. वॉचस्पति लगातार क्षेत्र में जनहित, सेवा और विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि बारा विधानसभा में राजनीति केवल भाषणों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर दिखाई दे रही है। यह कार्यक्रम न सिर्फ जरूरतमंदों के लिए राहत बना, बल्कि समाज को संवेदनशील और मजबूत नेतृत्व का संदेश भी दे गया।
