आजमगढ़। दो प्रस्तावित फिल्मों “यादव जी की लव स्टोरी” और “घूसखोर पंडित” को लेकर विरोध तेज हो गया है। भुवर अखाड़ा और यादव समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट स्थित अंबेडकर पार्क में जोरदार प्रदर्शन करते हुए इन फिल्मों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन फिल्मों के शीर्षक और कथित विषयवस्तु के माध्यम से विशेष जातियों और समुदायों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे समाज में वैमनस्य और तनाव फैलने की आशंका है। उनका कहना है कि किसी भी जाति या धर्म की छवि को नकारात्मक रूप में दिखाना समाज के लिए हानिकारक है और इससे सामाजिक सद्भाव प्रभावित हो सकता है।
भुवर अखाड़ा के पदाधिकारियों और यादव समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जनपद में इन विवादित फिल्मों के प्रदर्शन को तत्काल रोका जाए। साथ ही शासन स्तर पर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को पत्र भेजकर फिल्मों के आपत्तिजनक अंशों को हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि समाज में भाईचारा और आपसी सौहार्द बनाए रखना है। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई करते हुए मामले का समाधान निकालने की अपील की।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है। हालांकि पूरे प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य रही और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नजर बनाए रहे।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन जिस तरह से भुवर अखाड़ा और यादव समाज के लोग खुलकर विरोध में उतर आए हैं, उससे यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गरमाने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर इस विषय को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।
