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शैक्षिक सशक्तिकरण हेतु बहुजन बाहुल्य बस्तियों में चलाई जा रही है प्रबुद्ध पाठशालाये

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रिपोर्ट – परवेज आलम 

बाबासाहेब के स्कूल दाखिले के दिन को विद्यार्थी दिवस के रूप में मनाया

प्रयागराज। पूर्वांचल दलित अधिकार मंच (पदम) के तत्वावधान में बुद्धवार को भारतीय संविधान शिल्पी बाबासाहेब डा.भीमराव अम्बेडकर के स्कूल दाखिले के दिन को तहसील बारा विकासखंड जसरा स्थित ग्रामसाभा छतहरा घुरेहठा में खोली गई प्रबुद्ध पाठशाला के बच्चों ने 07 नवम्बर का दिन विद्यार्थी दिवस के रूप में मनाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये पदम संस्थापक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज ने बताया कि 07 नवम्बर 1900 को बाबासाहेब डा. अम्बेडकर ने महाराष्ट्र के प्रताप सिंह हाईस्कूल राजवाड़ा चौक सतारा में प्रथम कक्षा में प्रवेश लेकर शिक्षा की शुरुआत की थी। उस समय उन्हें तत्कालीन विषम सामाजिक असमानता के चलते कक्षा के बाहर बैठकर शिक्षा प्राप्त करने लिए मजबूर होना पड़ा। उस समय देश में व्याप्त छुआछुत और सामाजिक असमानता से खुद पीड़ित होकर बाबा साहब ने सामाजिक असमानता को देश में कलंक मानकर इन्हें खत्म करने का दृढ़ संकल्प लेकर अपनी शिक्षा के बल से भारतीय संविधान शिल्पी बने। बहुजन बाहुल्य बस्तियों में बहुजनों की शैक्षिक सशक्तिकरण हेतु भीमशालाये चलाए जाने का निर्णय लिया गया।
इस मौके पर बैजनाथ, राजपती, मालती, कमला, सुशीला, रेखा सहित पचासों बच्चे लोग उपस्थित थे।

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