रिपोर्ट – परवेज आलम
प्रयागराज :- गौहनिया लालापुर पाषाण कालीन सभ्यता के चिन्हों से समृद्ध गुफाओं में सिद्ध ऋषियो की तपस्थली के साक्ष्य समतल जमीनों के बीच शिवलिंग स्वरूप मनकामेश्वर पर्वत एवं शिव पुराण एवं मत्स्य पुराण में वर्णित शिवलिंग है ये सब यमुना किनारे स्थित बारा तहसील के अंतर्गत लालापुर में स्थित है अत्यन्त मनोरम स्थल जो नागा सन्यासियो द्वारा पूजित रहा है। प्रयाग से 35 km की दूरी पर मसुरिया देवी मन्दिर इमिलिया से 4 किलोमीटर दूर स्थित है इसका जीर्णोद्धार 1997 में स्थानीय भाजपा नेता आचार्य हरि कृष्ण शुक्ल ने करवाया था। वही पर यमुनापर की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ाने के उद्देश्य से पुरुषोत्तम मास के त्रयोदशी को दिनांक 30/7/2023 को सवा लक्ष पार्थिव शिवलिंक का निर्माण और जल अभिषेक एवं 25000 श्रद्धालुओं को भण्डारा प्रसाद का आयोजन किया जा रहा है समस्त यमुनापार वासियो एवं प्रयागवासियों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। सभी इस आध्यात्मिक भगवान शिव की उपासना में पहुंचकर भगवान शिव की कृपा प्राप्त करें यह शिव का यज्ञ होनी को रोकने की भी शक्ति रखता है यह मैंने अपने ज्योतिषीय एवं आध्यात्मिक जीवन में एवं समाजसेवा के दौरान देखा है आचार्य हरि कृष्ण शुक्ल भाजपा नेता ने बताया और मनकामेश्वर मंदिर पर प्रयागराज के मशहूर सूफी भजन गायक मिश्रा बंधुओं का प्रोग्राम भी होगा।
