रिपोर्ट – परवेज आलम
दादूपुर हर साल की तरह इस साल भी प्रयागराज के दादूपुर गांव में इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों का ताबूत निकल गया
मोहम्मद सल्लल्लाहो वाले वसल्लम के नवासे हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने जो कर्बला में अपने 72 शहीदों के साथ कुर्बानी दी ऐसी कुर्बानी दुनिया में आज तक किसी ने ना दी जो हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम दी आपको बताते चले की हक और बातिल की लड़ाई में यजीद नामक राजा यह चाहता था कि इमाम हुसैन हमारे हाथों पर बैयत कर ले और सारे हराम काम को अंजाम दिया जाए जुआ खेलने शराब पीना दुनिया में सारी बुराई आम होनी चाहिए इसी का विरोध करते हुए इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने अपने 72 साथियों के साथ कुर्बानी दी हक जीत गया और बातिल हार गया इमाम हुसैन और उनके परिवार वालों को तीन दिन तक पानी नहीं दिया गया और छोटे-छोटे बच्चे है प्यास है प्यास की सदा देते रहे मगर जालिमो कोई तरस ना खाया इस प्रकार 10 मोहरम को इमाम हुसैन के एक-एक साथियों ने कुर्बानी देनी शुरू की और शाम को 4:00 बजे तक इमाम हुसैन के 71 साथी शहीद हो गए और आखिर में हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम भी शहीद हो गए आज पूरी दुनिया में इमाम हुसैन को जानने वाले लोग हैं मगर यजीद के कब्र का निशान तक नहीं रह गया
कमेटी के सारे लोगों ने सभी का शुक्रिया किया और खास तौर से पुलिस प्रशासन का भी शुक्रिया अदा किया
