रिपोर्ट – परवेज आलम
प्रयागराज। बहुजन साहित्य कला और संस्कृति के संरक्षण संवर्धन और उसके विकास के साथ साथ बहुजन रंगमंच के पुनर्स्थापत्य और उच्च प्राथमिक स्तर तक के बच्चों के शैक्षिक विकास के लिए यमुनापार की तहसील बारा, विकास खण्ड जसरा स्थित ग्रामसभा पांडर मजरा कालिका का पुरवा और जसरा गांव में प्रबुद्ध फाउंडेशन द्वारा प्रबुद्ध पाठशाला की शाखा खोली गई थी। प्रशिक्षक की व्यस्तता की वजह से शाखा चार महीने से बन्द पड़ी थी। फाउंडेशन के सचिव आईपी रामबृज ने शुक्रवार को विश्व आदिवासी दिवस पर जसरा गांव में प्रबुद्ध पाठशाला की शाखा की रीओपनिंग किया और कहा कि पाठशाला में बच्चों के सृजनात्मक कलात्मक और व्यक्तित्व विकास के साथ चार बजे से छः बजे तक उच्च प्राथमिक स्तर तक के बच्चों का गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषय को मजबूत कर सैनिक और नवोदय विद्यालय में प्रवेश दिलाना एकमात्र प्रमुख लक्ष्य है।
फाउंडेशन के प्रबन्धक आईपी रामबृज ने बताया कि अभी तक बारा तहसील के अन्तर्गत छतहरा घुरेहटा, तातारगंज, छिड़िया, दौना, जसरा, कोहोडिया, जूही कोठी और करछना तहसील के अन्तर्गत बड़हा, इसौटा, मछहर का पुरवा, केशवपुर में प्रबुद्ध पाठशाला की शाखाएं विगत एक वर्ष से संचालित है।
पाठशाला की रीओपनिंग पर उपस्थित चार दर्जन से अधिक बच्चों को कापी कलम दिया गया और मुंह मीठा करने के लिए सभी बच्चों को ताजिया भी वितरित किया गया।
