रिपोर्ट – परवेज आलम
घूरपुर । क्षेत्र के पूरे खगन गांव में एक दबंग के तुगलकी फरमान से भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने पचासों की संख्या में घूरपुर थाने पर जाकर दबंग के खिलाफ तहरीर दिया किंतु पाच दिन बीत जाने के बावजूद थाना अध्यक्ष घूरपुर संजीव कुमार चौबे ने कोई प्रभावी कार्यवाही करने की जहमत नहीं उठाई। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव में काली माई का एक पुराना चौरा (पूजा स्थल) है। कई पीढ़ियों से गांव के लोग उस चौरा पर जाकर काली माई की पूजा किया करते हैं। शादी विवाह होने पर नव दंपति को काली माई की पूजा के लिए ले जाते हैं। पहले जो चौरा के पुजारी हुआ करते थे उनके खत्म हो जाने के बाद गांव का दबंग व्यक्ति उस चौरा पर कब्जा जमा लिया है। उसने एक सप्ताह पहले गांव के कुछ लोग रामलीला का चंदा मांगने गए थे जिस पर कुछ विवाद हुआ था। बिहार उसने रामलीला वाले कुछ लोगों को बुलाकर तुगलकी फरमान जारी कर दिया। उसने कहा कि अब शादी के बाद दुल्हन पूजा करने चौरा पर आएगी तो पहले दिन हमारे यहां रहेगी दूसरे दिन अपने पति के घर जा सकती है। यह खबर गांव में पहुंचते ही गांव में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। गांव के पचासों लोग घूरपुर थाने पर पहुंचकर दबंग के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दिया किंतु थाना अध्यक्ष ने इतनी ज्वलंत अश्लीलता को दर किनारकर लोगों को सुलह समझौते के लिए दबाव दिया। सोमवार के दिन एक दरोगा और सिपाही को भेज कर गांव में समझौता कराने का प्रयास किया गया। गांव में दरोगा सिपाही के पहुंचते ही पूरा गांव उमड़ प¹¹ड़ा। सभी लोग दबंग के खिलाफ कार्यवाही पर अड़े रहे किंतु थाना अध्यक्ष के निर्देशानुसार दरोगा सुलह समझौते की ही बात करता रहा। गांव के बुजुर्गों ने कहा कि पुलिस वाले गांव में बड़ी घटना होने का इंतजार कर रहे हैं। जब तक बड़ी घटना नहीं घटेगी तब तक पुलिस कार्यवाही नहीं करेगी।
