रिपोर्ट – राजेश चतुर्वेदी, परवेज आलम
प्रयागराज :- 21 मार्च। वर्ष 1994 में हुए दौना काण्ड से प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया था। सभी राजनैतिक दलों ने इसे लेकर खूब हल्ला मचाया था। उस काण्ड में पीड़ित महिला को मिली पट्टे की जमीन पर आरोपीयो ने एक बार फिर कब्जा कर खेत में खड़ी सरसो की फसल को जबरन काट कर उठा ले गए। पीड़ित पक्ष ने जब इसका विरोध किया तो आरोपियों ने 1994 की तरह अंजाम भुगतने की धमकी देने का पीड़ित पक्ष ने सोमवार को अपर पुलिस महानिदेशक जोन प्रयागराज व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के यहाँ प्रार्थना पत्र देकर प्रार्थमिकी दर्ज कर कार्यवाही की मांग की है।
गौरतलब है कि 21 जनवरी 1994 में जनपद प्रयागराज के घूरपुर थाना अंतर्गत ग्राम दौना निवासिनी अनुसूचित जाति की शिवपतिया को गांव के एक जाति विशेष के आधा दर्जन से अधिक लोगों द्वारा उसे निर्वस्त्र करके घुमाया गया था इस जघन्य अपराध की निंदा न केवल जनपद में हुई अपितु पूरे प्रदेश में शासन प्रशासन की काफी थू थू हुई थी। इस जघन्य अपराध के चलते पीड़ित परिवार को जिला प्रशासन द्वारा आराजी नम्बर 509 रकबा 0.217 हेक्ट. जमीन पट्टा किया गया था जिस पर प्रार्थीगण काबिज दाखिल होकर जोतते बोते आ रहे थे। दौना काण्ड की पीड़ित परिवार ने सोमवार को अपर पुलिस महानिदेशक ज़ोन प्रयागराज व एसएसपी से मिलकर प्रार्थना-पत्र देकर आरोप लगाया है कि 15 मार्च को दौना काण्ड के आरोपियों ने जबरन पट्टे की जमीन पर सरसों की लहलहाती फसल को जबरन काट कर उठा ले गए मना करने पर अपमानित करते हुए फिर से काण्ड के पुनरावृत्ति की धमकी दी है। पीड़ित पक्ष अमर जीत व रामानन्द ने पुलिस प्रशासन से हस्तक्षेप कर दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही किये जाने का अनुरोध किया है।
