Breaking News

बहराइच: गिरिजापुरी कार्यालय पर वन अधिकार आंदोलन की बैठक हुई संपन्न

Spread the love

रिपोर्ट जुनैद खान

बहराइच :-  वन अधिकार आंदोलन बहराइच की बैठक गिरजापुरी कार्यालय पर हुई। बैठक की अध्यक्षता  शंकर सिंह ने की।
बैठक को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता जंग हिंदुस्तानी ने कहा कि जल जंगल जमीन हमारे प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं और इनके संरक्षण का कार्य लगातार करना होगा। हमारा संवैधानिक कर्तव्य  है कि हम अपने जंगल को लगाने बढ़ाने और उसका सदुपयोग करने के लिए कार्य करें।
वन अधिकार आंदोलन के महासचिव रामनरेश ने कहा कि तहसील प्रशासन अधिकार प्राप्त वन निवासियों के राजस्व अभिलेख तैयार करने में बेहद लापरवाही से कार्य कर रहा है अभी तक लोगों की खतौनी बनकर तैयार नहीं हो पाई है। महबूबनगर निवासी रामचन्द्र ने कहा कि पिछले 2 वर्षों से पंचायत राज विभाग परिवार रजिस्टर जारी न करके वनटांगिया ग्राम के निवासियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। लोगों को पहचान का अधिकार नहीं मिल पा रहा है जिससे समस्त कार्य बाधित हो गए हैं। इस संबंध में कई बार बीडीओ से लेकर जिला अधिकारी तक फरियाद की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है मजबूर होकर गांव के लोगों को धरना प्रदर्शन पर उतरना ही पड़ेगा।
वन अधिकार आंदोलन की कार्यकर्ता मीरा देवी ने कहा कि पिछले सप्ताह कुछ लोगों के बहकावे में आकर जिला अधिकारी कार्यालय पर महिलाओं ने प्रदर्शन कर के वन विभाग के खिलाफ लगान और अनाज वसूलने का झूठा आरोप लगाया था जबकि सच्चाई यह है कि वर्ष 2005 में वन अधिकार आंदोलन के अस्तित्व में आने के बाद से इस तरह की कोई भी घटना सुनने को नहीं मिली है। इस तरह के झूठे आरोप से न सिर्फ वन विभाग की बदनामी हुई है बल्कि पूरे वन क्षेत्र में चल रहे वन अधिकार आंदोलन को हल्का करने की साज़िश की गई है।पूरे मामले की जांच करके महिलाओं की आड़ में एनजीओगीरी करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही होनी चाहिए।
वन अधिकार आंदोलन के अध्यक्ष शंकर सिंह ने कहा कि वन अधिकार कानून के क्रियान्वयन के मामले में तहसील और ब्लॉक के अधिकारी जिला अधिकारी की बातों को नहीं मान रहे हैं और शासन प्रशासन की छवि को धूमिल कर रहे हैं ऐसे अधिकारियों के विरुद्ध शीघ्र ही बड़े पैमाने पर आंदोलन छेड़ा जाएगा।
इस अवसर पर भवानीपुर, बिछिया, टेडिया, ढकिया कैलाश नगर, हल्दी प्लांट, श्री राम पुरवा, सुकड़ी पुरवा, तुलसी पुरवा तथा महबूबनगर से आए हुए सैकड़ो वन निवासी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial