आज़मगढ़ जिले के कप्तानगंज अंतर्गत उज्जवल मॉडल स्कूल पर आज पृथ्वी दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया . इस कार्यक्रम में लोक दायित्व संस्था के पवन सिंह ने स्कूली बच्चों के बीच पहुंचकर पृथ्वी और पर्यावरण की महत्ता पर अपने विचार व्यक्त किया . साथ ही उन्होंने बच्चों को पृथ्वी और पर्यावरण को दूषित होने से बचाने के उपाय भी बताये . पवन सिंह ने कहाकि मनुष्यों ने प्रकृति का अत्यधिक दोहन किया है . जिसका परिणाम आज ग्लोबल वार्मिंग के तौर पर दुनिया में देखा जा रहा है . उन्होंने कहाकि पर्यावरणविद प्रकृति पर पड़ने वाले कुप्रभावों को देखकर चिंतित हैं . उन्हें आशंका है कि इसके भयंकर परिणाम होंगे .
स्कूल के बच्चे भी पाठ्यक्रम के अतिरिक्त पहली बार इस तरह के कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण विषय पर वार्तालाप कर रहे थे . बेहद रोचक तरीके से पवन सिंह ने प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन पर बल दिया . उन्होंने बताया कि किस तरह से मनुष्य प्रकृति का दोहन कर रहा है , जिसका परिणाम समस्त मानव जाति भोगेगी . दिन ब दिन बढ़ते हुए ताप का जिक्र करते हुए उन्होंने कहाकि पिछले कई दशक से ग्लोबल वार्मिंग को लेकर चर्चा कर रहे हैं , उसपर काम कर रहे हैं , लेकिन परिणाम अभी भी जस के तस हैं . हमें पेड़ – पौधों को लगाने की ज़रुरत है . प्लास्टिक इत्यादि का उपयोग बंद करना होगा . वायु प्रदर्शन रोकना होगा , तभी जाकर कोई सुधार दिख सकता है .
बच्चों के बीच पहुंचकर पृथ्वी दिवस कार्यक्रम करने के विषय में जब पूछा गया तो उन्होंने कहाकि ये कार्यक्रम वर्तमान और भविष्य से जुड़ा है , इसीलिए भविष्य संवाद के तहत भारत के भविष्य से इस विषय पर चर्चा करना बेहद ज़रूरी है . बच्चे सुनेंगे सीखेंगे और उसे करने का प्रयास करेंगे .
पृथ्वी दिवस पर बोलते हुए विद्यालय की निदेशिका श्रीमती सुनीता सिंह ने कहाकि जितना ज़रूरी पर्यावरण और पृथ्वी को स्वस्थ रखने की है , पेड़ पौधों को लगाने की है , उसी तरह पेड़ों को कटने से बचाने की है . उन्होंने कहाकि पृथ्वी दिवस जैसे अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों को भविष्य संवाद के अंतर्गत बच्चों के बीच में रखने की ज़रुरत है . वहीँ स्कूल के बच्चों ने भी कार्यक्रम के विषय में अपने अनुभव को साझा करते हुए कहाकि आज हमें बेहद महत्वपुर्ण जानकारी मिली है और निसंदेह हम अपने पर्यावरण और पृथ्वी को बेहतर बनाने के लिए दृढसंकल्पित हैं .
