आजमगढ़ पब्लिक स्कूल का भव्य रीयूनियन: पूर्व छात्रों ने साझा किए अपने अनुभव
आजमगढ़ पब्लिक स्कूल, जो 2012 में शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत नींव रख चुका था, ने शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित किए हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, इस वर्ष स्कूल प्रबंधन ने एक अनूठी पहल की—अपने पूर्व छात्रों का रीयूनियन आयोजित किया। इस खास मौके पर करीब 350 पूर्व छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं।
इस रीयूनियन का मुख्य उद्देश्य था—उन पूर्व छात्रों को एक मंच पर लाना, जिन्होंने यहां से शिक्षा ग्रहण करके विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है। कोई यूपीएससी की तैयारी कर रहा है, तो किसी ने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर ली है। कोई बिजनेस की दुनिया में सफलता के झंडे गाड़ रहा है, तो कोई चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनकर लोगों की वित्तीय उलझनों को सुलझा रहा है।
रीयूनियन में आए छात्रों ने स्कूल में बिताए अपने सुनहरे दिनों को याद किया और अपने अनुभव साझा किए। कई छात्रों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह उनके लिए बेहद खास अवसर है। इस दौरान पूर्व छात्र आतिफ खान ने बताया कि उन्होंने इस स्कूल में तब दाखिला लिया था जब इसकी शुरुआत हुई थी। उन्होंने हाल ही में जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। उन्होंने जूनियर छात्रों को संदेश देते हुए कहा, “सफलता के रास्ते में कठिनाइयाँ आती हैं, लेकिन मेहनत और लगन से हर मुश्किल पार की जा सकती है। कभी भी हार मत मानो।”

इस आयोजन में आजमगढ़ पब्लिक स्कूल के मैनेजर CA नोमान अहमद ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, “हमने इस अनोखी पहल के जरिए अपने पूर्व छात्रों को फिर से एकजुट किया है। यह हमारे लिए गर्व का क्षण है कि हमारे पूर्व छात्र आज विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना चुके हैं। भविष्य में जब ये बच्चे ऊंचे मुकाम पर पहुंचेंगे और हमारे स्कूल में मुख्य अतिथि के रूप में आएंगे, तो वह हमारे लिए गर्व का सबसे बड़ा पल होगा।”
विद्यालय की प्रिंसिपल रूपल पांड्या ने भी इस आयोजन को एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए एक यादगार अवसर है। यह पहली बार है जब आजमगढ़ पब्लिक स्कूल ने अपनी एलुमनाई मीट आयोजित की है। इससे हमारे वर्तमान छात्रों को भी प्रेरणा मिलेगी कि वे भी भविष्य में अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।”
रीयूनियन का आयोजन विद्यालय के भव्य सभागार में किया गया, जिसमें पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए और यह बताया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सफलता की दहलीज पर खड़े हैं। इस दौरान रमज़ान के रोजे की अफ्तारी का भी कार्यक्रम आयोजित किया गया .
इस रीयूनियन ने आजमगढ़ पब्लिक स्कूल में एक नई परंपरा की शुरुआत कर दी है। भविष्य में यह कार्यक्रम और भी बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक पूर्व छात्र इस पहल से जुड़ सकें।
इस आयोजन ने साबित कर दिया कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक जीवनभर का संबंध होता है जो शिक्षक, छात्र, और उनके संस्थान के बीच एक अटूट बंधन बनाता है।
