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आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी का पैदल मार्च, भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

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आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी का पैदल मार्च, भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

आजमगढ़: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट भवन तक पैदल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें भाजपा सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी और आरक्षण जैसी मूलभूत सुविधाओं को समाप्त करने का आरोप लगाया गया।
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए गरीब और मध्यमवर्गीय जनता को शोषण का शिकार बना रही हैं। महंगाई, बेरोजगारी और आरक्षण को समाप्त करने की साजिश के जरिए समाज के कमजोर वर्गों को पीछे धकेलने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार जनता का ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक और जातीय मुद्दों को उछाल रही है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी के नेताओं ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री समाज में नफरत फैलाने वाले भाषण देकर लोगों को धर्म और जाति के नाम पर विभाजित करना चाहते हैं। इस तरह की राजनीति से प्रदेश और देश की एकता को खतरा पैदा हो रहा है।
विरोध प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने 26 मार्च 2025 को हुए एक घटना का जिक्र किया, जिसमें समाजवादी पार्टी के सांसद और दलित नेता रामजीलाल सुमन के घर पर करणी सेना द्वारा हमला किए जाने का आरोप लगाया गया। ज्ञापन में कहा गया कि हजारों की संख्या में करणी सेना के कार्यकर्ता बुलडोजर लेकर उनके घर पहुंचे और वहां तोड़फोड़ की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान घर में खड़ी गाड़ियों और अन्य सामान को भी क्षति पहुंचाई गई। आरोप है कि करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने सांसद के परिवार के सदस्यों पर भी हमला किया और जातिसूचक गालियां देते हुए उन्हें अपमानित किया। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि पुलिस प्रशासन इस पूरी घटना के दौरान मूकदर्शक बना रहा और कोई हस्तक्षेप नहीं किया।
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इस हमले को सरकार द्वारा प्रायोजित बताते हुए कहा कि करणी सेना को सरकारी संरक्षण प्राप्त है। उनका कहना था कि जिस दिन यह घटना हुई, उसी दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आगरा जिले में मौजूद थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह हमला एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मनुस्मृति के विधान पर विश्वास करते हैं और उन्हें संविधान में कोई आस्था नहीं है।
वहीँ समाजवादी पार्टी के विधायक अखिलेश यादव ने कहाकि आज समाजवादी बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी के तत्वधान में एक विरोध प्रदर्शन किया गया . जिसमे सपा के राज्यसभा सांसद पर तथाकथित करणी सेना के लोगों ने कानून हाथ में लेते हुए जानलेवा हमला किया , तोड़फोड़ किया , जमकर गाली गलौच किया . यहाँ तक की पुलिस वालों को जमकर पीटा गया और कई पुलिस वाले ज़ख़्मी भी हुए . उन्होंने सीएम योगी पर जमकर हमला बोलते हुए कहाकि सरकार अपने 8 साल के काम – काज का ब्यौरा दे रहे हैं , जबकि सरकार हर मोर्चे पर फेल साबित हो रही है।

समाजवादी बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी और अन्य फ्रंटल संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि करणी सेना के दोषी लोगों के विरुद्ध राष्ट्रद्रोह और गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
विरोध प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के नेताओं ने घोषणा की कि यदि जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों की रक्षा के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होना होगा और अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी होगी।
समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित इस पैदल मार्च और विरोध प्रदर्शन ने भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ विपक्ष के आक्रोश को जाहिर किया है। भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियों का आरोप लगाते हुए सपा नेताओं ने दलितों और पिछड़ों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और दोषियों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।

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