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बीजेपी अध्यक्ष चुनाव में देरी: पीएम मोदी ने संभाला मोर्चा, जल्द होगा फैसला

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बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव अब तक लटकता हुआ दिख रहा है, और पार्टी के नेताओं के बीच इस मुद्दे पर मंथन जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सिलसिले में मोर्चा संभालते हुए बुधवार को अपने आवास पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक अहम बैठक की। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी के संगठन महासचिव बीएल संतोष समेत पार्टी के प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया। इस बैठक में खासतौर पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया को तेज करने की दिशा में चर्चा की गई, क्योंकि पार्टी के संविधान के अनुसार, यह चुनाव जनवरी 2024 में ही हो जाना था, लेकिन अभी तक इसे टाला गया है।

नड्डा का कार्यकाल बढ़ाया गया था

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल जनवरी 2023 में समाप्त हो चुका था, लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर उनका कार्यकाल बढ़ा दिया गया था। हालांकि, अब लोकसभा चुनाव को एक साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर फैसला नहीं लिया जा सका है। पार्टी की संसदीय कमेटी ने 13 मार्च को नड्डा के कार्यकाल को 40 दिन के लिए और बढ़ाने का फैसला किया था, जो अब 23 अप्रैल को समाप्त हो रहा है।

राज्य अध्यक्षों के चुनाव में देरी

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में देरी की एक बड़ी वजह राज्य संगठन चुनावों का पूरा न होना है। कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में संगठन चुनाव की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। बीजेपी के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव तब तक संभव नहीं है जब तक इन राज्यों में चुनाव संपन्न नहीं होते और निर्वाचक मंडल तैयार नहीं होता।

पीएम मोदी की बैठक से निकला समाधान

पीएम मोदी ने बुधवार को जो बैठक बुलाई, उसमें इन राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों के नामों पर चर्चा की गई। कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश समेत कुछ अन्य राज्यों के संगठन चुनावों में तेजी लाने की रणनीति पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात के प्रदेश अध्यक्षों के नामों पर सहमति बन गई है और इन राज्यों में जल्द अध्यक्षों की घोषणा की जा सकती है।

बीजेपी की सियासी दिशा तय करेगा राष्ट्रीय अध्यक्ष

बीजेपी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी की सियासी दिशा को तय करेगा। पार्टी की योजना है कि ऐसा नेता चुना जाए जो मोदी और शाह के विश्वास पात्र हो, साथ ही संघ की पसंद पर भी खरा उतरता हो। इसके अलावा, संगठन में बदलाव की भी उम्मीद की जा रही है, जिसमें पार्टी की केंद्रीय टीम में आधे से अधिक पदों पर युवा नेताओं को मौका दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा, महिला नेताओं के लिए भी जगह बढ़ाने की योजना है।

2025 और 2026 में होने वाले चुनावों के लिए तैयारियां

बीजेपी की नजर 2025 और 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों पर है, जिनमें बिहार, केरल, तमिलनाडु, असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के चुनाव अहम होंगे। इन चुनावों में बीजेपी का प्रदर्शन ही नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की सियासी क्षमता को परखेगा। बिहार में बीजेपी अपनी सियासी स्थिति मजबूत करने की कोशिशों में लगी है, जबकि केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में पार्टी का प्रभाव कमजोर है।

अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष किसे बनाया जाएगा?

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी के लिए एक अहम कदम है, क्योंकि यह पार्टी के भविष्य की दिशा को प्रभावित करेगा। जेपी नड्डा का कार्यकाल विस्तार के बाद अब पार्टी को नए नेतृत्व की आवश्यकता महसूस हो रही है, जो 2029 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए संगठन को मजबूती दे सके।

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की योजना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव जल्द से जल्द कर लिया जाए ताकि पार्टी अपनी चुनावी तैयारियों में और भी तेजी ला सके। बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव के साथ ही पार्टी की आंतरिक राजनीति और संगठनात्मक ढांचे में भी बदलाव आ सकता है।

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