आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी ने समाजवादी विचारक डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती और शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम आयोजित कर राजनीतिक माहौल को गरमा दिया। कार्यक्रम में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी, लेकिन मंच से दिए गए भाषण पूरी तरह सियासी तेवर में नजर आए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री और विधायक दुर्गा प्रसाद यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डॉ. लोहिया के समाजवादी विचार आज के दौर में और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। उनका आरोप था कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश वैश्विक अर्थव्यवस्था पर कब्जा कर गरीब देशों को आर्थिक रूप से कमजोर बना रहे हैं। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों को किसानों और गरीबों के खिलाफ बताते हुए कहा कि ट्रेड डील के जरिए किसानों की कमर तोड़ी जा रही है।
वहीं विधायक डॉ. संग्राम यादव और सपा के शीर्ष नेतृत्व के विचारों को रखते हुए कहा गया कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने जिन आदर्शों के लिए अपनी जान दी, आज वे आदर्श खतरे में हैं। नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार समाज में विभाजन पैदा कर रही है और पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि शहीदों का सपना समानता और सामाजिक न्याय का था, लेकिन आज हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सपा का हर कार्यकर्ता डॉ. लोहिया और भगत सिंह के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का काम करे। उन्होंने कहा कि समाजवाद ही एक ऐसा रास्ता है, जिससे देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी जैसी समस्याओं का समाधान संभव है। उन्होंने पूंजीवादी व्यवस्था को देश के लिए खतरा बताते हुए कहा कि इससे आम जनता और अधिक गरीब होती जा रही है।
इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री डॉ. रामदुलार राजभर, पूर्व विधायक श्याम बहादुर सिंह यादव, जयराम सिंह पटेल समेत बड़ी संख्या में सपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, इस आयोजन के जरिए समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर अपने वैचारिक एजेंडे को धार देने के साथ-साथ केंद्र सरकार के खिलाफ राजनीतिक हमला तेज करने का संकेत दे दिया है।
