मुबारकपुर चेयरमैन बर्खास्त: डॉ. सबा शमीम पर 8 गंभीर आरोप सिद्ध
मुबारकपुर, आजमगढ़ | संवाददाता
उत्तर प्रदेश सरकार ने आजमगढ़ जनपद के मुबारकपुर नगर पालिका परिषद में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए चेयरमैन डॉ. सबा शमीम को उनके पद से बर्खास्त कर दिया है। शासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उनके विरुद्ध लगे कुल 8 गंभीर आरोप जांच में प्रमाणित पाए गए हैं।
नगर विकास विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, विस्तृत जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह निर्णय लिया गया। जांच रिपोर्ट में आरोपों को न केवल प्रथम दृष्टया बल्कि पूरी तरह प्रमाणित माना गया। इसके बाद उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 48(2) (क) एवं (ख) के तहत यह कठोर कार्रवाई की गई।
आरोपों का विवरण
जांच में जिन प्रमुख आरोपों की पुष्टि हुई, उनमें शामिल हैं—
• पिता को नगर पालिका की सरकारी फाइलों का निरीक्षण कराना
• प्रशासनिक कार्यों में अनधिकृत हस्तक्षेप
• विकास कार्यों में देरी एवं लापरवाही
• सरकारी धन से निर्मित पिंक टॉयलेट्स को तुड़वाने का आरोप
• टेंडर प्रक्रिया में जानबूझकर बाधा उत्पन्न करना
• विकास योजनाओं में असहयोग
• सभासदों के प्रस्तावों को लंबित रखना
• जीएसटी एवं आयकर भुगतान में अनावश्यक विलंब
जांच प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्रवाई
मामले की जांच जिलाधिकारी आजमगढ़ के निर्देश पर गठित विभिन्न समितियों द्वारा की गई। वर्ष 2023 और 2024 के दौरान आई जांच रिपोर्टों में आरोपों की पुष्टि हुई। इसके आधार पर वर्ष 2024 में चेयरमैन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
डॉ. सबा शमीम द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण को जांच में असंतोषजनक और कमजोर पाया गया। इसके बाद शासन द्वारा उन्हें तीन बार व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया, लेकिन वे निर्धारित तिथियों पर उपस्थित नहीं हुईं।
सरकार का सख्त रुख
शासन ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि—
“व्यक्तिगत सुनवाई में अनुपस्थित रहना और बार-बार समय मांगना, प्रक्रिया को जानबूझकर विलंबित करने का प्रयास है।”
इसी आधार पर उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के अनुसार अंतिम निर्णय लेते हुए उन्हें पद से हटा दिया गया।
आगे की कार्रवाई
शासन ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि आदेश का तत्काल प्रभाव से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, आदेश की प्रति संबंधित पक्ष को तत्काल तामील कराते हुए रिपोर्ट शासन को भेजी जाए।
नगर पालिका परिषद मुबारकपुर में अब प्रशासनिक कार्यों के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाएगी।
इस कार्रवाई को प्रदेश सरकार के सख्त प्रशासनिक रुख के रूप में देखा जा रहा है। नगर निकायों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह कदम एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। मुबारकपुर की स्थानीय राजनीति में इस फैसले का व्यापक प्रभाव पड़ना तय है।
