सर्वोदय पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मनाया गया मदर्स डे, “माँ: पहला गुरु” थी कार्यक्रम की थीम
आजमगढ़। कहते हैं कि माँ केवल जन्म ही नहीं देती, बल्कि अपने संस्कारों और ममता से बच्चे के पूरे जीवन को आकार भी देती है। इसी भावना को जीवंत करते हुए दिनांक 09 मई 2026 को विद्यालय परिसर में मदर्स डे का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास, उत्साह और भावनात्मक माहौल के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य विषय “माँ: पहला गुरु” रखा गया, जिसने पूरे आयोजन को एक विशेष भावनात्मक रंग प्रदान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रबंधक श्री राजेंद्र प्रसाद यादव, निदेशिका श्रीमती कंचन यादव तथा उपप्रधानाचार्य श्री संजय कुमार विश्वकर्मा द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। विद्यालय परिसर को रंग-बिरंगे फूलों, आकर्षक सजावट और प्रेरणादायक संदेशों से सजाया गया था, जो कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा रहा था।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत समूह गीत “माँ की ममता” ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। गीत के बोलों में माँ के प्रेम, त्याग और संघर्ष को इतनी खूबसूरती से पिरोया गया था कि कई माताओं की आंखें नम हो गईं। इसके बाद विद्यार्थियों ने “माँ के त्याग” पर आधारित एक लघु नाटिका प्रस्तुत की, जिसमें दिखाया गया कि किस तरह एक माँ अपने बच्चों की खुशियों के लिए अपने हर सुख का त्याग कर देती है। नाटक ने उपस्थित लोगों को गहरी भावनात्मक अनुभूति कराई और सभागार तालियों से गूंज उठा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में माताओं को भी आमंत्रित किया गया था। बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों को देखकर माताओं के चेहरे गर्व और खुशी से खिल उठे। कई माताओं ने कहा कि यह आयोजन उनके लिए बेहद खास और यादगार बन गया। बच्चों द्वारा अपने हाथों से बनाए गए कार्ड और उपहार पाकर वे भावुक हो गईं।
विद्यालय के प्रबंधक श्री राजेंद्र प्रसाद यादव ने अपने संबोधन में कहा कि माँ जीवन की पहली शिक्षिका होती है। एक बच्चा बोलना, चलना, संस्कार और जीवन के मूल मूल्य सबसे पहले अपनी माँ से ही सीखता है। उन्होंने कहा कि माँ का स्थान संसार में सबसे ऊंचा है और हमें हमेशा उनका सम्मान करना चाहिए।
वहीं विद्यालय की निदेशिका श्रीमती कंचन यादव ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों के भीतर अपनी माँ के प्रति प्रेम, कृतज्ञता और सम्मान की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि आज के व्यस्त जीवन में हमें अपने माता-पिता, विशेषकर माँ के त्याग और समर्पण को कभी नहीं भूलना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी माताओं को स्मृति चिन्ह और विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए हस्तनिर्मित कार्ड भेंट किए गए। पूरे आयोजन के दौरान भावनाओं, सम्मान और खुशियों का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने मदर्स डे को सभी के लिए यादगार बना दिया।
