Breaking News

आजमगढ़: छात्र राजनीति लोकतंत्र की नर्सरी, इसे खत्म करना साजिश – प्रवीण सिंह

Spread the love

आजमगढ़। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष और छात्र राजनीति से जुड़े रहे वरिष्ठ नेता प्रवीण सिंह ने कहा कि छात्र राजनीति लोकतंत्र की नर्सरी होती है और इसे खत्म करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक है। उन्होंने कहा कि यदि देश में लोकतंत्र को जीवित रखना है तो छात्र संघों की बहाली जरूरी है।

प्रवीण सिंह एक बातचीत में वर्तमान राजनीतिक हालात, छात्र राजनीति और सामाजिक सौहार्द जैसे मुद्दों पर खुलकर बोले। उन्होंने कहा कि उनका पूरा जीवन जनहित के मुद्दों के लिए संघर्ष में बीता है। लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति के दौरान उन्होंने जनहित की लड़ाइयों के चलते 28 महीने तक जेल भी काटी। उन्होंने कहा कि उनके परिवार का कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा, लेकिन जनता के अधिकारों की आवाज उठाने के कारण उन्हें जेल जाना पड़ा।

उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से वह साधारण जीवन जीते हुए समाज सेवा में लगे हैं। लगभग 16–17 वर्षों से वह एक साधारण मड़ई में रहकर लोगों की समस्याओं को सुनते और उनके समाधान के लिए प्रयास करते रहे हैं। विश्वविद्यालय और कॉलेज की राजनीति से लेकर आजमगढ़ जिले के जनहित के मुद्दों तक वह लगातार सक्रिय रहे हैं।

प्रवीण सिंह ने कहा कि जब आजमगढ़ में अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाजें कमजोर पड़ रही थीं, तब उन्होंने खुलकर विरोध दर्ज कराया। यह संघर्ष किसी एक पार्टी या संगठन के लिए नहीं बल्कि व्यापारियों, आम नागरिकों और समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं को लेकर था।

वर्तमान समय में होली मिलन समारोह के आयोजन को लेकर उन्होंने कहा कि पहले त्योहार जीवन का स्वाभाविक हिस्सा होते थे, लेकिन अब उन्हें समारोह के रूप में मनाने का चलन बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि 16 मार्च को वह एक सर्वदलीय होली मिलन समारोह का आयोजन कर रहे हैं, जिसमें सभी वर्गों और दलों के लोगों को आमंत्रित किया गया है। उनका उद्देश्य समाज में बढ़ रही जाति, धर्म और रंगभेद की राजनीति के बीच भाईचारे और एकता का संदेश देना है।

उन्होंने बताया कि होली मिलन समारोह से पहले रोजा इफ्तार का आयोजन भी किया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने कहा कि रमजान के पाक महीने को देखते हुए उन्होंने मस्जिद में ही इफ्तार कार्यक्रम रखने का निर्णय लिया, ताकि रोजेदारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और नमाज भी समय पर अदा की जा सके।

होली मिलन समारोह को शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखे जाने के सवाल पर प्रवीण सिंह ने कहा कि यह शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि सेवा और सहयोग का प्रदर्शन है। उन्होंने कहा कि उनके पास राजनीतिक शक्ति नहीं बल्कि निर्भीकता है, जिसके बल पर वह जन समस्याओं को उठाते रहे हैं।

छात्र राजनीति के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि छात्र संघ चुनाव बंद होने से लोकतांत्रिक नेतृत्व की नई पीढ़ी तैयार नहीं हो पा रही है। उनके अनुसार छात्र राजनीति से ही युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित होती है और वे समाज तथा व्यवस्था की समस्याओं को समझते हैं।

प्रवीण सिंह ने कहा कि सभी पुराने छात्र नेताओं को एकजुट होकर छात्र संघ चुनावों की बहाली के लिए आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति या दल के लिए नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों और लोकतंत्र के भविष्य के लिए जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial