किसी भी संस्थान की सफलता केवल इमारतों या संसाधनों से नहीं, बल्कि उसके नेतृत्व की सोच, समर्पण और दूरदृष्टि से तय होती है—और महादेवी हायर सेकेंडरी स्कूल, सिधारी, तिवारीपुर, आजमगढ़ की इस गौरवशाली 25 वर्षों की यात्रा में यदि किसी नाम को विशेष सम्मान के साथ लिया जाए, तो वह है प्रबंधक देवी प्रसाद मौर्य का।
देवी प्रसाद मौर्य ने न केवल इस विद्यालय को एक मजबूत शैक्षणिक आधार दिया, बल्कि इसे संस्कार, अनुशासन और गुणवत्ता की पहचान भी दिलाई। उनके नेतृत्व में विद्यालय ने निरंतर प्रगति की राह पर चलते हुए शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी विद्यार्थियों के जीवन का हिस्सा बनाया।
बता दे कि महादेवी हायर सेकेंडरी स्कूल, सिधारी तिवारीपुर में रजत जयंती वर्ष का आयोजन बड़े ही उत्साह, उल्लास और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस खास मौके पर विद्यालय परिसर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों की बड़ी संख्या में सहभागिता देखने को मिली।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में गिरीशचंद्र यादव, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार (खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय) मौजूद रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के तौर पर प्रोफेसर संजीव कुमार शर्मा, कुलपति, महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
इसके अलावा लक्ष्मण मौर्य, राजेंद्र प्रसाद यादव, पवन कुमार पंकज, मनीष सिंह और गोविंद दुबे सहित कई अन्य विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। देशभक्ति गीत, भक्ति संगीत और मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। हर प्रस्तुति पर तालियों की गूंज ने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य ने अपने संबोधन में स्कूल की स्थापना से लेकर अब तक की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों के समर्पण की सराहना करते हुए विद्यालय की निरंतर प्रगति का उल्लेख किया।
इस मौके पर वार्षिक परीक्षा परिणाम भी घोषित किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले और शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने वाले छात्रों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। अभिभावकों ने भी बच्चों की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए विद्यालय प्रबंधन की सराहना की।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के को-ऑर्डिनेटर आनंद मौर्य, दिनेश यादव, दीपिका सिंह, मीनाक्षी अस्थाना सहित सभी शिक्षकों का अहम योगदान रहा। अनुशासन व्यवस्था में राहुल तिवारी और अजय यादव की भूमिका सराहनीय रही।
कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने में शरद गुप्ता, प्रेमा यादव, धीरेंद्र मोहन और संगीत शिक्षक आदित्य मिश्रा का विशेष योगदान रहा। मंच संचालन किशन यादव और आरोही मोदनवाल ने बेहद प्रभावशाली तरीके से किया, जिसकी सभी ने प्रशंसा की।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रबंधक देवी प्रसाद मौर्य ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और छात्रों का आभार व्यक्त किया।
कुल मिलाकर, यह रजत जयंती समारोह विद्यालय के गौरवशाली इतिहास और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बनकर सामने आया।
