पूर्वांचल की राजनीति में एक ऐसा नाम, जो सिर्फ सत्ता या पद से नहीं बल्कि अपनी दरियादिली और सामाजिक सरोकारों से पहचाना जाता है—Shah Alam Guddu Jamali। उन्होंने यह साबित किया है कि जनप्रतिनिधि होने का अर्थ केवल राजनीतिक जिम्मेदारियां निभाना नहीं, बल्कि समाज के हर कमजोर और जरूरतमंद व्यक्ति के साथ खड़ा होना भी है।
गुड्डू जमाली की पहचान एक ऐसे नेता के रूप में बन चुकी है, जो बिना धर्म, जाति या क्षेत्र देखे लोगों की मदद करते हैं। उनके लिए पैसा सिर्फ व्यक्तिगत सुख-सुविधा का साधन नहीं, बल्कि समाज को लौटाने का माध्यम है। वर्षों से वे अपनी कमाई का एक हिस्सा जरूरतमंदों—खासतौर पर बेटियों की शादी, गरीबों के इलाज और अन्य जरूरी कामों—के लिए समर्पित करते आ रहे हैं।
ऐसे दौर में, जब राजनीति को अक्सर संदेह की नजर से देखा जाता है, Shah Alam Guddu Jamali जैसे लोग यह संदेश देते हैं कि सच्ची सेवा और इंसानियत आज भी जिंदा है। उनकी यही सोच और काम उन्हें आम नेताओं से अलग बनाते हैं और समाज में एक मिसाल के रूप में स्थापित करते हैं।
बता दे कि आजमगढ़ के बाजबहादुर स्थित अपने आवास पर 22 मार्च से 28 मार्च तक आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान एमएलसी शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने जरूरतमंदों की समस्याएं सुनीं और तत्काल राहत प्रदान की। इस सात दिवसीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग अपनी परेशानियों को लेकर पहुंचे, जिनमें बेटियों की शादी, इलाज और आर्थिक संकट से जुड़े मामले प्रमुख रहे।
इस दौरान उन्होंने करीब 30 से 40 जरूरतमंद लोगों को कुल 4 लाख 45 हजार 500 रुपये की आर्थिक सहायता चेक के माध्यम से प्रदान की। लाभार्थियों में सरिता जायसवाल, दीपक कुमार गौतम, नगीना, शहनाज, राम प्रसाद, चंद्रबली सरोज, संतोष यादव, ऊषा, रुकसाना, मोतीलाल, नियाज़ अहमद, अब्दुल हकीम, सोहराब अहमद, इमामुद्दीन, कायनात, लुबना आलम, असद अली, नफीस अहमद, जरीना हुसैन, तबस्सुम, आरिब, अंजू लता मौर्या समेत कई अन्य लोग शामिल हैं।
“पैसा इंसान के साथ आखिरी सफर तक नहीं जाता, इसलिए इसका सही उपयोग जरूरतमंदों की मदद में होना चाहिए। मैं धर्म, जाति या क्षेत्र नहीं देखता, सिर्फ यह देखता हूं कि सामने वाला व्यक्ति वास्तव में जरूरतमंद है या नहीं।”
शाह आलम ने कहा कि समाज सेवा उनके जीवन का अहम हिस्सा है और वे राजनीति में आने से पहले भी इस काम से जुड़े रहे हैं। उन्होंने खास तौर पर बेटियों की मदद को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि “बेटियां सबकी साझी होती हैं, उनकी मदद के लिए हर किसी को आगे आना चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि उनके दरवाजे से कोई भी जरूरतमंद खाली हाथ नहीं लौटेगा। इस पहल की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है और लोग इसे एक मिसाल के रूप में देख रहे हैं।
वहीं 2027 के चुनाव को लेकर उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी जनता के समर्थन से सरकार बनाएगी।
तो देखा आपने, जहां एक ओर राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता है, वहीं दूसरी ओर कुछ नेता समाज सेवा के जरिए लोगों के दिलों में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।
