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डब्लू डब्लू एफ द्वारा हाथियों से बचाव के लिए पक्का मचान बनाने हेतु हुई बैठक

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रिपोर्ट – जुनैद खान, बहराइच 

बहराइच :- मिहीपुरवा अंतर्गत आम्बा में एक खुली बैठक का आयोजन डब्लू डब्लू एफ इंडिया के तत्त्वाधान में आम्बा घाट पर ग्राम प्रधान श्री इकरार अंसारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में ग्राम आंबा, बर्दिया और बिशुनापुर के ग्राम वासी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन करते हुए डब्लू डब्लू एफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी श्री दबीर हसन ने बताया कि विगत वर्षों में जंगली हाथियों से ग्रामीणों की फसल क्षति और हमलों को देखते हुए ग्रामीणों द्वारा रात्रि में फसल की सुरक्षा हेतु असुरक्षित मचान का इस्तेमाल किया जा रहा है जिसमे रात्रि में हाथियों द्वारा ग्रामीणों को नुकसान पहुंचाए जाने की आशंका बनी रहती है अत: उनकी सुरक्षा को दृष्टगत ग्राम पंचायत आंबा में एन टी टी संस्था द्वारा वित्त पोषित डब्लू डब्लू एफ के माध्यम से आर सी सी पक्का मचान बनवाना प्रस्तावित है जिस पर बैठ कर ग्रामीण सुरक्षित तरीके से अपने फसल की निगरानी व हाथियों के आगमन की निगरानी कर सकते हैं इस हेतु स्थान चिन्हीकरण व लागत आदि पर चर्चा कर निर्णय लेना है। इस प्रस्ताव पर ग्रामीणों ने जंगली हाथियों के सर्वाधिक निकास वाले स्थान कांटा के समीप नदी के किनारे स्थित स्थान को बताया । उक्त स्थान के किसानों से भूमि समुदाय को देने के प्रस्ताव पर बर्दिया निवासी श्री बुधराम व श्री जुगराम पुत्रगण श्री भग्गू ने मानक के अनुसार अपनी भूमि स्वेच्छा से समुदाय को देने पर सहमति वयक्त किया । इस प्रस्ताव पर उपस्थित सभी ग्रामीणों ने सहमति प्रदान किया और ग्राम प्रधान को कहा हाथियों से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मजबूत और ऊंचे मचान की जरूरत है जिसके लिए हाथियों से सुरक्षा के मानक के दृष्टिगत तकनीकी जानकारी डब्लू डब्लू एफ से वार्ता कर प्रस्ताव मांगा गया। ग्राम प्रधान ने अवगत कराया मानक के अनुसार जो भी प्राक्कलन बनाया जाएगा उसमे लागत धनराशि यदि उपलब्ध बजट से कम होगा तो ग्राम पंचायत भी उसमे सहयोग कर सकती है इस पर डब्लू डब्लू एफ के परियोजना अधिकारी ने कहा डब्लू डब्लू एफ इंडिया मानक के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य हेतु कटिबद्ध है इसमें ग्राम पंचायत के सहयोग से पारदर्शिता पूर्वक ग्रामीणों के सहयोग से कार्य हो सकता है अंत में यह निर्णय लिया गया कि मचान हेतु समुदाय को भूमि देने वाले किसान सहमति पत्र ग्राम पंचायत को देंगे और एक पृथक ग्राम पंचायत से प्रस्ताव विकास विभाग को सहयोग हेतु और डब्लू डब्लू एफ इंडिया को धनराशि मांग हेतु भेजा जाएगा जिस पर अनुमोदन होने के उपरान्त कार्य कराया जा सकेगा।
अंत में भारत और नेपाल के खाता कारीडोर पर स्थित गांवों के स्थानीय समुदाय के बीच हाथी सुरक्षा दल पर भी चर्चा हुआ की जिसमे दोनों देशों के सीमा पर वन क्षेत्रों के समुदाय के बीच दल बनाने पर भी सहमति जताई गई जिससे हाथियों की निगरानी और पूर्वानुमान से नुकसान को कम अथवा रोका जा सके। ग्रामीणों को हाथियों से बचाव हेतु भारत सरकार द्वारा जारी हाथी मानव संघर्ष परिचालन हेतु जागरूक करने पर भी सहमति हुई।
बैठक के पश्चात क्षेत्रीय वनाधिकारी कतर्नियाघाट श्री अनूप कुमार , ग्राम प्रधान और मौजूद किसानों द्वारा मचान हेतु चिन्हित स्थान का भौतिक सत्यापन कर जंगली हाथियों के मूवमेंट वाले रास्तों का निरीक्षण कर सहमति प्रदान किया गया।
बैठक में वन्य जीव रक्षक अकील अहमद, डब्लू डब्लू एफ के फील्ड सहायक मंसूर अली , ग्रामवासी बुधराम, दुलारे खान, हसीब खान, शकील अहमद और अन्य ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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