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श्रीकृष्ण की बाललीला सुन मंत्र मुग्ध हुए श्रद्धालु

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खागा/फतेहपुर। धाता ब्लॉक के ग्राम खैरई में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के पांचवे दिन भगवान कृष्ण की बाललीला एव गोवर्धन पूजा का कथा वाचक भक्ति त्रिपाठी एवं देवशरण त्रिपाठी महराज के द्वारा संगीतमय वाचन किया जा रहा है। जिसमें पूतना उद्धार सक्तासुर वध, नामकरण, माखन चोरी, यमलार्जुन उद्धार, वृंदावन वास, गोपी चीरहरण एवं अंत में गिरराज गोवर्धन की उत्पत्ति की कथा व गोवर्धन पूजन क्यों महत्वपूर्ण है, के संदर्भ में विशेष तथ्यों पर प्रसंग का वर्णन किया। वाचक भक्ति त्रिपाठी ने अपने प्रसंगों में बताया कि एक बार सभी देवताओं ने मिलकर भगवान से कहा कि मुझे आपके घर का मक्खन खाना है तो भगवान ने कहा कि अगर मां से मांग लूंगा तू मां देगी नहीं इसलिए मटकी फोड़ दिया करूंगा आप आकर खा जाया करो। अगर चोरी नहीं करते तो कुबेर के पुत्र जो वृक्ष वने थे उनका उद्धार कैसे होता और चीर हरण एक अज्ञान रूपी माया का आवरण हटाना ही चीर हरण है। गिरिराज भगवान कृष्ण के पुत्र हैं। पूर्व वरदान के कारण भगवान ने गिरिराज का पूजन कराया और फल बताया कि जो भी भगवान गिरिराज गोवर्धन की परिक्रमा का पूजन करता है उसके सारे कष्ट समाप्त हो जाते हैं। उसके घर में कभी भी धन और धान्य की कमी नहीं रहती। कथा में मुख्य यजमान उत्तम बाजपेई ने भागवत महापुराण की आरती की और पूजन किया। क्षेत्र के शिव कुमार बाजपेई, अनिल कुमार बाजपेई, ऋषि बाजपेई, प्रियंका बाजपेई, प्रशांत बाजपेई, अमित, अंकित मौजूद रहे।

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