बिहार में सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। चुनावी माहौल में हर दल अपनी पूरी ताकत झोंक चुका है और रैलियों के जरिए मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज बिहार में महागठबंधन के समर्थन में जमकर हुंकार भरी….। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “इस बार बिहार के लोग फिर से बीजेपी का रथ रोकने जा रहे हैं, जैसे लालू जी ने कभी उनका रथ रोका था। सामाजिक न्याय की जीत होगी, बाबा साहब अंबेडकर जी के रास्ते पर चलने वालों की जीत होगी।”
अखिलेश यादव ने अपने भाषण में केंद्र सरकार की नीतियों पर करारा प्रहार किया….। उन्होंने कहा, “इन लोगों ने नोटबंदी की थी, उसमें बहुत सारे बंडल इकट्ठे किए थे….। लेकिन इस बार बिहार में ना बंडल चलेगा, ना बंडलबाज चलेंगे। महंगाई और भ्रष्टाचार ने जनता का जीना मुश्किल कर दिया है….। पारले जी का बिस्किट छोटा हो गया, पेट्रोल-डीजल आसमान छू रहा है, और सरकार आंख मूंदे बैठी है….।”
उन्होंने बीजेपी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा, “हमारे यहां हैं एक रंग वाले मुख्यमंत्री, एक रंगी मुख्यमंत्री — जिनके राज्य में बेरोजगारी बढ़ रही है, और लोग पलायन को मजबूर हैं। चुनाव अब ‘नौकरी बनाम बीजेपी’ होने जा रहा है। बिहार के नौजवान अब जवाब देने को तैयार हैं…।”
अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आड़े हाथों लिया…। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने कहा था किसानों की आय दुगनी करेंगे, लेकिन अब तक आधी भी नहीं हुई। उन्होंने दो करोड़ नौजवानों को नौकरी देने का वादा किया था, अब एक करोड़ की बात करते हैं — लेकिन हकीकत में नौकरियां कहीं नजर नहीं आतीं।”
उन्होंने महागठबंधन के नेतृत्व को सराहते हुए कहा कि “तेजस्वी यादव ने बिहार में रोजगार देने की शुरुआत की, और यही संदेश पूरे देश में गया है कि नई पीढ़ी अब काम चाहती है, झूठे वादे नहीं।”
अखिलेश ने कहा कि अगर बिहार में महागठबंधन की सरकार बनी तो कानून व्यवस्था और सामाजिक न्याय को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “यूपी में हमारी सरकार थी तो पुलिस 5 से 7 मिनट में मौके पर पहुंचती थी। तेजस्वी की सरकार में भी ऐसी ही व्यवस्था होगी।”
सभा में मौजूद भारी भीड़ को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने अंत में कहा, “अब वक्त आ गया है कि बिहार महंगाई, भ्रष्टाचार और झूठ के खिलाफ आवाज उठाए। इस बार जनता चलेगी — और बंडलबाज रुक जाएंगे।”
