मदुरै : तमिल सुपरस्टार और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के प्रमुख विजय के खिलाफ मदुरै में आयोजित पार्टी कार्यक्रम के दौरान मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। यह घटना 21 अगस्त 2025 को हुई, जब विजय ने टीवीके की दूसरी राज्य-स्तरीय सम्मेलन को संबोधित किया। यह रैली 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले उनकी एक बड़ी राजनीतिक शक्ति-प्रदर्शन मानी जा रही थी।
शिकायतकर्ता के आरोप
शिकायतकर्ता शरत कुमार ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि वह विजय को करीब से देखने के लिए रैंप पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान विजय के बाउंसरों ने उन्हें धक्का देकर नीचे गिरा दिया और मारपीट की। शरत कुमार ने दावा किया कि इस घटना में उन्हें सीने में गंभीर चोटें आईं।
उन्होंने मंगलवार को पेरम्बलूर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर विजय और उनके सुरक्षाकर्मियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2) (गैरकानूनी जमाव), 296(बी) (उपद्रव करना), और 115(आई) (गंभीर अपराध के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने कहा, “मैं केवल विजय को देखना चाहता था, लेकिन बाउंसरों ने मेरे साथ हिंसक व्यवहार किया। इस घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
रैली का महत्व
यह सम्मेलन मदुरै के परपाथी मैदान में आयोजित किया गया था, जिसमें लाखों समर्थक शामिल हुए। विजय ने अपने भाषण में कहा कि टीवीके 2026 में डीएमके और एआईएडीएमके का विकल्प बनेगी। उन्होंने डीएमके पर बीजेपी के साथ “गुप्त गठबंधन” का आरोप लगाया और बीजेपी को अपनी “वैचारिक दुश्मन” तथा डीएमके को “राजनीतिक दुश्मन” बताया। विजय ने संकेत दिया कि वह मदुरै पूर्व विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं, हालांकि उन्होंने बाद में यह स्पष्ट किया कि टीवीके के किसी भी प्रत्याशी को वोट देना उन्हें वोट देने के समान होगा।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन
रैली के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस ने 3,000 से अधिक जवान तैनात किए। आयोजकों ने 1.5 लाख से ज्यादा भीड़ के प्रबंधन के लिए 70 एलईडी स्क्रीन, 200 सीसीटीवी कैमरे, मिनी आरओ प्लांट और महिलाओं के लिए पिंक रूम एवं ब्रेस्टफीडिंग कॉर्नर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराईं। खास बात यह रही कि मंच का रैंप 12 फीट ऊंचा बनाया गया था ताकि भीड़ को मंच तक पहुंचने से रोका जा सके।
विजय का राजनीतिक सफर
51 वर्षीय विजय ने 2024 में टीवीके की स्थापना की थी। अपनी फिल्मी छवि को भुनाते हुए उन्होंने खुद को “शेर” बताया और कहा कि वह राजनीति में “शिकार करने” के लिए आए हैं, न कि मनोरंजन करने के लिए। मदुरै की यह रैली उनके राजनीतिक सफर का अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन मानी जा रही है।
