नई दिल्ली : 2008 के भीषण मुंबई आतंकी हमलों में शामिल आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। बुधवार रात एक विशेष विमान राणा को लेकर दिल्ली के पालम टेक्निकल एयरपोर्ट पर उतरा। इस ऑपरेशन में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), रॉ और केंद्रीय गृह मंत्रालय की विशेष भूमिका रही। राणा की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
तहव्वुर राणा को दिल्ली स्थित NIA हेडक्वार्टर में रखा गया है जहां उससे पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, राणा को आगे चलकर दिल्ली की तिहाड़ जेल की हाई सिक्योरिटी वार्ड में स्थानांतरित किया जाएगा। हालांकि, कोर्ट के आदेश के बाद ही यह तय होगा कि उसे कब और किस वार्ड में भेजा जाएगा।
अमेरिकी कोर्ट ने दी प्रत्यर्पण को मंजूरी
64 वर्षीय तहव्वुर राणा के खिलाफ भारत में NIA ने 2011 में चार्जशीट दाखिल की थी। राणा को अमेरिका में लश्कर-ए-तैयबा का समर्थन करने का दोषी पाया गया था और वह लंबे समय से लॉस एंजेल्स के डिटेंशन सेंटर में बंद था। भारत ने 2019 में पहली बार राणा के प्रत्यर्पण की मांग की थी और इसके बाद अमेरिका की अदालत में भारत ने सबूत भी पेश किए थे।
राणा ने प्रत्यर्पण को रोकने के लिए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उसने खुद को पार्किंसन बीमारी से पीड़ित बताया और भारत भेजे जाने पर प्रताड़ना का डर जताया था। हालांकि, कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी।
डेविड हेडली का बचपन का दोस्त था राणा
तहव्वुर राणा, मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ता डेविड कोलमैन हेडली का बचपन का दोस्त है। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI की रिपोर्ट और हेडली की गवाही के अनुसार, राणा ने भारत में फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और हेडली के वीजा आवेदन में सहायता करने में अहम भूमिका निभाई थी। हेडली ने भारत में फर्स्ट वर्ल्ड इमिग्रेशन सर्विसेज के नाम से फर्जी ऑफिस खोला था, जिससे वह भारत में आतंकी नेटवर्क के लिए जमीनी जानकारी जुटा सके।
दिल्ली में हाई अलर्ट, एयरपोर्ट से कोर्ट तक कड़ी सुरक्षा
राणा के दिल्ली पहुंचने के साथ ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एयरपोर्ट पर SWAT कमांडोज, CAPF की सिक्योरिटी विंग और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में राणा को एयरपोर्ट से सुरक्षित तरीके से NIA हेडक्वार्टर पहुंचाया गया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एडवोकेट नरेंद्र मान को इस केस के लिए स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर नियुक्त किया है, जिन्हें तीन साल या ट्रायल की समाप्ति तक यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पाक ने जताई दूरी, बताया कनाडाई नागरिक
पाकिस्तान ने तहव्वुर राणा से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि वह कनाडा का नागरिक है और उसने दो दशकों से अपने पाकिस्तानी दस्तावेज रिन्यू नहीं कराए हैं। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि राणा अब उनका नागरिक नहीं है, हालांकि वह कभी पाकिस्तानी सेना में डॉक्टर के रूप में काम कर चुका है।
लंबा आपराधिक इतिहास
राणा को 2009 में अमेरिका के शिकागो एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। उस पर मुंबई के साथ-साथ डेनमार्क के एक अखबार पर आतंकी हमला कराने की साजिश रचने का भी आरोप था। यह वही अखबार था जिसने 2005 में पैगंबर मोहम्मद पर विवादित कार्टून प्रकाशित किए थे। बाद में इन कार्टूनों को फ्रांसीसी मैगजीन चार्ली हेब्दो ने भी छापा, जिसके ऑफिस पर 2015 में हमला हुआ और 12 लोग मारे गए।
