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आजमगढ़ में अब लड़कियां बनेंगी डॉ. और इंजीनियर

अगर आप अपने बच्चों से सच में प्यार करते हैं ..अगर वाकई आपको उनके भविष्य से प्यार है तो ये खबर आपके लिए है ..ये खबर आपके बच्चे की ज़िन्दगी बदल सकती है ..आज़मगढ़ जिले के मशहूर निस्वा गर्ल्स इंटर कालेज में इस सत्र से शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेगा . ऐसा पहली बार होने जा रहा है ..इसी सत्र से निस्वा गर्ल्स इंटर कालेज में पढ़ने वाली बच्चियों को जेई और नीट की तैयारी भी कराई जायेगी …इसके लिए मशहूर ग्रेविटी कोचिंग क्लासेज लखनऊ और निस्वा गर्ल्स इंटर कालेज के बीच में करार हुआ है . यानि कि अब आज़मगढ़ में बच्चियां भी बगैर अपने शहर से दूर गए ही अपने सपने को पूरा कर सकती हैं और डॉ0 बनकर अपने समाज और लोगों की बेहतरी के लिए काम कर सकती हैं …जी हाँ सही सुना आपने ..इस पूरे ताने – बाने को बुना है शिब्ली RCA के इंचार्ज डॉ0 जावेद सगीर ने , जिनके अथक प्रयासों से निस्वा गर्ल्स इंटर कालेज में एक बेहद शानदार शुरुआत हुई है . डॉ0 जावेद सगीर ने इस दौरान अपने बयान में कहाकि जिस तरह से कोटा एक एजुकेशनल हब है उसी तरह से हम आज़मगढ़ को भी एजुकेशनल हब बनाना चाहते हैं . उन्होंने कहाकि हमारा सारा फोकस क्वालिटी एजुकेशनल पर है . हम अपने शहर के बच्चे और बच्चियों को वो सारी सुविधाएं देना चाहते हैं जो बड़े – बड़े शहरों में ही अब तक मिलती थी .
वहीँ ग्रेविटी कोचिंग क्लासेज की तरफ से निस्वा में बोलते हुए जयदीप  ने बताया कि हमने निस्वा गर्ल्स इंटर कालेज के साथ बेहद शानदार करार किया है . इससे इस स्कूल की शिक्षा की गुणवत्ता भी कई गुना बढ़ जायेगी . निसंदेह यहा कि बच्चियां बेहतर करेंगी . ये शानदार अनुभव होने वाला है . वहीँ जब उनसे पूछा गया कि बच्चों पर तो पहले से पढाई का प्रेशर है ऐसे में 9वीं कक्षा से नीट की तैयारी कितनी मुफीद होगी . इस पर उन्होंने जवाब देते हुए कहाकि अब बहुत परिवर्तन हो चुका है . हम साईकलाजी के हिसाब से बच्चों को समझाने का प्रयास करेंगे और जो बेहतर होगा उसको करने का प्रयास करेंगे .
वहीँ कालेज के मैनेजर तारिक ख्वाजा ने कहाकि हमने बहुत मेहनत करके बच्चियों को बेहतर माहौल देने की कोशिश किया है . सारा इंफ्रास्ट्रक्चर लगभग तैयार है , सिर्फ इस स्कूल की बिल्डिंग ही नहीं बल्कि यहाँ पढाई भी शानदार होती है और होगी भी . आज जो एक नयी शुरुआत हो रही है . वो एक तारीखी क़दम है . इससे उन बच्चों का सपना पूरा होगा जो अपने घर से दूर जाकर पढ़ना नहीं चाहते या दूर जाने में दुश्वारी है तो हमने उस एजुकेशन को ही बच्चियों के करीब ला दिया ताकि वो भी अपने सपनों को बुन सकें .

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