फतेहपुर। खागा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम संग्रामपुर में चल रहे दंगल को देखने गए बच्चे को कुछ लोगों ने जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर भगा दिया। इतने से भी उनका पेट न भरा और घर पहुंचकर लाठी-डंडों से महिलाओं की पिटाई करते हुए कपड़े फाड़कर अभद्रता की। प्रधान ने इस मामले में समझौता कराने का दबाव डाला। जब पीड़ित समझौते पर तैयार न हुए तो फिर से मारपीट की गई। पीड़ित थाने पहुंचे तो उन्हें पुलिस ने भगा दिया। पीड़ितों ने एसपी से मारपीट व अभद्रता करने का मुकदमा दर्ज कराए जाने की गुहार लगाई है।
एसपी को दिए गए शिकायती पत्र में सोनी पत्नी रामनरेश ने बताया कि दो अगस्त को शाम लगभग चार बजे उसका पांच वर्षीय भतीजा शुभम गांव में दंगल देखने गया था। जिस पर विमल पुत्र रामदास ने जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उसे भगा दिया। आरोप लगाया कि दगंल की भूमि को उसने अपवित्र किया है। बच्चा रोते हुए अपने घर आ गया। कुछ देर बाद विमल पाल, राघवेंद्र, लवलेश, सोनू, विनोद, कमलेश सहित दस-पदं्रह ज्ञात लोग लाठी-डंडा लेकर घर आए और उसके भतीजे को गाली देने लगे। उसके जेठ प्रेम कुमार मौके पर आ गए तो उक्त लोग मारपीट करने लगे। बीच-बचाव करने वह और उसकी जेठानी रानी देवी पहुंची तो उनके साथ भी मारपीट कर कपड़े फाड़ दिए और अभद्रता करने लगे। ग्रामीणों को आता देख उक्त लोग भाग निकले। घटना की सूचना 112 नंबर पर दी तो मौके पर पुलिस आ गई और थाने चलने की बात कही। जब प्रधान जयचंद्र पाल को यह जानकारी हुई तो उसने सभी को घर बुलाया। जहां विमल, विनोद आदि पहले से मौजूद थे। प्रधान सुलह-समझौते का दबाव बनाने लगा। जब उसने समझौता करने से मना किया तो प्रधान ने कहा कि तुम लोग कुछ नहीं बिगाड़ सकते। मैं प्रधान हूं जो मैं कहूंगा वही पुलिस करेगी। जब इसका विरोध किया तो दोबारा परिवार के साथ मारपीट की। जब वह लोग थाने पहुंचे तो पुलिस ने भगा दिया और उनकी एक न सुनीं। पीड़ितों ने एसपी से मामले पर मुकदमा दर्ज करके दंडात्मक कार्रवाई किए जाने की गुहार लगाई है। इस मौके पर प्रेम कुमार, रामनरेश, रानी देवी भी मौजूद रहे।
