फतेहपुर। शहर के तांबेश्वर रोड स्थित एक निजी नर्सिंग होम में हुए प्रसव व दूसरे निजी नर्सिंग होम में नवजात की उपचार दौरान हुई मौत के बाद पूर्व सैनिक संयुक्त संगठन के पदाधिकारियों ने मोर्चा खोल दिया। निजी हास्पिटल के खिलाफ कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निजी हास्पिटल की जांच करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की।
पूर्व सैनिक संयुक्त संगठन के सचिव कैप्टन मेवालाल वर्मा की अगुवाई में पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां डीएम को दिए गए ज्ञापन में बताया कि 28 फरवरी को उनकी बेटी अन्नपूर्णा वर्मा पत्नी रितुराज उर्फ धर्मेन्द्र सोनी ग्राम बड़ौरी थाना कल्यानपुर को प्रसव पीड़ा होने पर गांव की आशाबहू ममता ने शहर के तांबेश्वर रोड स्थित एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। वहां कोई सुविधा न होते हुए भी नार्मल डिलीवरी का झांसा देकर एडमिट किया गया। आशाबहू व हॉस्पिटल के डा. विकास एवं डा. गुलाब की सांठ-गांठ चलती है। परिणाम यह हुआ कि 28 फरवरी की रात लगभग साढ़े बारह बजे नार्मल डिलीवरी करवाई गई। जिसमें बच्चा मरणासन्न स्थिति में पैदा हुआ। जब उसमें कोई हरकत नहीं दिखी तो उसे बिना एंबुलेंस या ऑक्सीजन के मोटरसाइकिल से जेके हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया। जहां चार दिन वेंटीलेटर पर रखने के बाद चार मार्च को बच्चे की मौत हो गई। अभी अन्नपूर्णा भी अस्वस्थ है। बताया कि रविवार को जब पूर्व सैनिक संयुक्त संगठन के अध्यक्ष एवं कुछ पूर्व सैनिक अस्पताल का जायजा लेने पहुंचे तो डा. विकास एवं एएनएम गीता से बातचीत की। मीडिया का नाम लेने पर पूरा स्टॉफ वहां से भाग गया। ज्ञापन में कहा गया कि ऐसे हास्पिटल से न जाने कितने नवजात शिशुओं की जान ले ली जाएगी। प्रसव के नाम पर बहन-बेटियों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस हास्पिटल के पास मानक के अनुरूप सुविधाए नहीं हैं। मांग किया कि हास्पिटल की जांच कराकर दोषी स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
