ब्यूरो रिपोर्ट : आजमगढ़
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बिजली संकट और बार-बार हो रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर समाजवादी पार्टी ने प्रदेशव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। इसी क्रम में आजमगढ़ में भी सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। मुबारकपुर विधानसभा से सपा विधायक अखिलेश यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिला मुख्यालय तक मार्च किया।
प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने योगी सरकार पर जनहित के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। विधायक अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में महंगाई चरम पर है, बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की मूल समस्याओं से ध्यान हटाकर केवल राजनीतिक मुद्दों पर काम कर रही है।
सपा विधायक ने कहा कि प्रदेश के लाखों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सालों मेहनत करते हैं, लेकिन बार-बार पेपर लीक होने से उनका भविष्य अंधकार में जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार युवाओं को रोजगार देने में असफल रही है और पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने में भी नाकाम साबित हुई है।
बिजली संकट को लेकर भी सपा ने सरकार को घेरा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भीषण गर्मी में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली कटौती हो रही है। लोगों को रात में घरों से बाहर सोने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जबकि सरकार बिजली आपूर्ति को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है।
डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों का मुद्दा भी प्रदर्शन में प्रमुखता से उठाया गया। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के कारण आम आदमी की कमर टूट गई है। गैस सिलेंडर, डीजल और पेट्रोल के बढ़ते दामों से किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है।
प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार पर कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर भी विफल रहने का आरोप लगाया। नेताओं का कहना था कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं और बेरोजगारी के कारण युवा भटकाव की ओर बढ़ रहे हैं।
सपा नेताओं ने कहा कि पार्टी सड़क से लेकर सदन तक जनता के मुद्दों को उठाती रहेगी और सरकार को जनसमस्याओं के समाधान के लिए मजबूर करेगी। प्रदर्शन के अंत में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया, जिसमें महंगाई पर नियंत्रण, बिजली व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की गई।
प्रदर्शन के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि सपा के इस आंदोलन का सरकार और जनता पर कितना प्रभाव पड़ता है।
