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अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की मांगों को तत्काल सरकार माने और धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करे….

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अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की मांगों को तत्काल सरकार माने और धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करे

पूर्वांचल किसान यूनियन और सोशलिस्ट किसान सभा ने जंतर मंतर पर छात्रों के धरने और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का समर्थन किया। किसान अपने बच्चों के लिए लड़ेगा। किसान भूख से मर रहे हैं और उसके बच्चे भूख हड़ताल करने को मजबूर हैं। नीट के पेपर लीक होने के बाद कई मासूम छात्र आत्महत्या करने को मजबूर हुए। सरकार जिद छोड़कर तुरंत छात्रों के प्रतिनिधियों से वार्ता कर उनकी मांगों का समाधान करे। छात्रों के स्वास्थ्य और जीवन से खिलवाड़ करना उचित नहीं है। पूर्वांचल किसान यूनियन और सोशलिस्ट किसान सभा इस संघर्ष में प्रतियोगी छात्रों के साथ है और जरूरत पड़ने पर मैदान में उतरकर समर्थन भी करेगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें ।

सोशलिस्ट किसान सभा महासचिव राजीव यादव और पूर्वांचल किसान यूनियन महासचिव वीरेन्द्र यादव ने कहा कि देश भर में नीट से लेकर पुलिस भर्ती, लेखपाल भर्ती, आरओ, एआरओ समेत सैकड़ों प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। सरकारों ने इसके लिए न तो कोई ठोस योजना बनाई और न पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की। छात्र लंबे समय से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। यदि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चाहिए कि उन्हें तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त करें। जिस तरह प्रधानमंत्री परीक्षा पर चर्चा करते हैं, उसी तरह उन्हें पेपर लीक पर भी चर्चा करनी चाहिए।

पिछले कई दिनों से दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रतियोगी छात्र और नौजवान धरना-प्रदर्शन और अनशन पर बैठे हैं। छात्र अपनी जायज मांगों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनरत छात्रों को देश विरोधी करार देने के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्र सरकार तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। छात्रों और नौजवानों के मूल सवाल गायब हैं। छोटे-छोटे मुद्दों पर टिप्पणी करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप हैं और अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों की नाकामी छुपाने में लगे हैं।

किसान और छात्र दोनों ही देश के निर्माण की रीढ़ हैं। किसानों की तरह छात्रों को भी अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, यह लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।

राजीव यादव
महासचिव, सोशलिस्ट किसान सभा

वीरेन्द्र यादव
महासचिव, पूर्वांचल किसान यूनियन
मोबाइल: 9838302015

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