मुंडेरा में वृहद वृक्षारोपण महाअभियान, 1168 पौधे लगाकर हरित भविष्य का लिया संकल्प
उत्तर प्रदेश सरकार के वृहद वृक्षारोपण महाअभियान के तहत आज अतरौलिया विकास खंड की ग्राम पंचायत मुंडेरा में जनभागीदारी के साथ बड़े स्तर पर पौधारोपण किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों, ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण और संवर्धन पर भी विशेष जोर दिया गया।
अतरौलिया विकास खंड की ग्राम पंचायत मुंडेरा में हरियाली का महायज्ञ देखने को मिला। उत्तर प्रदेश सरकार के वृहद वृक्षारोपण महाअभियान के अंतर्गत पूरे गांव में व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी सुमित पासवान, पंचायत सहायक विकास अधिकारी जयप्रकाश सिंह, ग्राम पंचायत अधिकारी बृजेश यादव, तकनीकी सहायक आनंद सिंह, ग्राम प्रधान तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा और बच्चों ने सहभागिता करते हुए पौधे लगाए।
खंड विकास अधिकारी सुमित पासवान ने कहा कि यह अभियान केवल आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा और बढ़ते प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल और सुरक्षा भी सुनिश्चित करें, क्योंकि यही अभियान की वास्तविक सफलता होगी।
उन्होंने बताया कि अतरौलिया विकास खंड के लिए निर्धारित वृक्षारोपण लक्ष्य को पूरा करने के साथ-साथ उसकी लगातार मॉनिटरिंग भी की जा रही है, ताकि लगाए गए प्रत्येक पौधे का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
ग्राम प्रधान ने बताया कि ग्राम पंचायत मुंडेरा में कुल 1168 पौधे लगाए गए हैं। मनरेगा सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगाए गए इन पौधों की सुरक्षा और देखभाल की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि पौधे केवल लगाने भर से उद्देश्य पूरा नहीं होगा, बल्कि प्रत्येक ग्रामीण को इन्हें अपने परिवार की तरह संरक्षित करना होगा।
प्रधान ने सभी ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गांव के लोगों ने उत्साह के साथ अभियान में भाग लेकर यह साबित कर दिया है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है।
ग्राम पंचायत मुंडेरा में आयोजित यह वृक्षारोपण अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का जनआंदोलन बनता दिखाई दिया। प्रशासन, पंचायत और ग्रामीणों की साझा भागीदारी ने यह संदेश दिया कि यदि लगाए गए पौधों की ईमानदारी से देखभाल की जाए, तो यही पौधे आने वाले वर्षों में स्वच्छ पर्यावरण, बेहतर जलवायु और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव बनेंगे।
