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आजमगढ़: कारगिल विजय दिवस पर गूंजा देशभक्ति का स्वर, वीर शहीदों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

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आजमगढ़: कारगिल विजय दिवस पर गूंजा देशभक्ति का स्वर, वीर शहीदों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

आजमगढ़। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शनिवार को तिवारीपुर (सिधारी) स्थित महादेवी हायर सेकेंडरी स्कूल देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। विद्यालय परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में कारगिल युद्ध के अमर शहीदों के अदम्य साहस, पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान को पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ याद किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं ने एक स्वर में भारत माता के वीर सपूतों को नमन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी।

समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब विद्यालय की छात्रा अदिति मिश्रा ने स्वर कोकिला लता मंगेशकर के अमर देशभक्ति गीत “ऐ मेरे वतन के लोगों, ज़रा आँख में भर लो पानी…” की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। गीत की गूंज से पूरा सभागार देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत हो उठा और उपस्थित लोग भावुक हो गए।

इसके बाद कक्षा चार के छात्र-छात्राओं ने कारगिल युद्ध पर आधारित मनमोहक झांकी प्रस्तुत कर भारतीय सैनिकों के अद्वितीय साहस, संघर्ष और मातृभूमि के प्रति समर्पण का जीवंत चित्रण किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया और खूब तालियां बटोरीं।

विद्यालय की छात्राओं इशिता दुबे और गरिमा सिंह ने अपने प्रेरक संबोधन में कारगिल युद्ध के इतिहास, उसकी ऐतिहासिक विजय और भारतीय सेना की वीरता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के सैनिकों का त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

विद्यालय के प्रबंधक डीपी मौर्य ने कहा कि कारगिल के रणबांकुरों का शौर्य और बलिदान भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।

अकादमिक डायरेक्टर राम नयन मौर्य ने अपने संबोधन में कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि उन अमर वीरों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को याद करने का राष्ट्रीय पर्व है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।

वहीं प्रधानाचार्य शत्रुघ्न विश्वकर्मा ने कहा कि कारगिल के वीर भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी शहादत, देशप्रेम और वीरता हमेशा हर भारतीय को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। आयोजन को सफल बनाने में कोऑर्डिनेटर आनंद मौर्य, दिनेश यादव, रामचरण मौर्य, दीपिका सिंह, मीनाक्षी अस्थाना, धीरेंद्र मोहन, शरद गुप्ता, किशन यादव, प्रेमा यादव, आदित्य मिश्रा, अजय यादव, राहुल तिवारी, आरोही मोदनवाल सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का सराहनीय योगदान रहा।

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