2036 ओलंपिक के लिए खेल प्रतिभाओं को तैयार करने पर जोर
आजमगढ़। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की ओर से 27 अगस्त 2026 को महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में ‘खेलो इंडिया संवाद—खेल की बात, प्रधानमंत्री के साथ’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को खेल, फिटनेस, प्रतिभा विकास और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के साथ ही उनमें खेलों के प्रति जागरूकता एवं सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना रहा।
कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति के निर्देशन में किया गया। मुख्य अतिथि विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता सूरज प्रकाश श्रीवास्तव रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक आनंद मौर्य की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन का सीधा प्रसारण किया गया। प्रधानमंत्री ने युवाओं को खेलों से जुड़ने, फिटनेस को जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा देश की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने वर्ष 2036 में भारत में प्रस्तावित ओलंपिक खेलों के लिए युवा खेल प्रतिभाओं को तैयार करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद आयोजित ‘युवा संवाद’ में मुख्य अतिथि सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों की खेलों में रुचि, प्रशिक्षण संबंधी जरूरतों, सामने आने वाली चुनौतियों और भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने खेलों में सफलता, प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं की तैयारी और खेलों में करियर की संभावनाओं से जुड़े सवाल भी पूछे।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि खेल में सफलता केवल प्रतिभा से नहीं मिलती, बल्कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास के जरिए लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से खेलों को केवल प्रतियोगिता तक सीमित न रखते हुए इसे व्यक्तित्व विकास और स्वस्थ जीवनशैली का माध्यम बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में NSS समन्वयक डॉ. देवेन्द्र कुमार पांडेय, डॉ. मनीषा सिंह, डॉ. हरेंद्र सिंह प्रजापति, शांभवी तिवारी, शुभम राय, डॉ. सचिन राय एवं डॉ. परमानंद पांडेय ने सक्रिय सहभागिता एवं सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिवांगी सिंह ने किया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण मुख्य अतिथि और विद्यार्थियों के बीच हुआ सीधा संवाद रहा। संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी खेल प्रतिभा पहचानने, लक्ष्य निर्धारित करने और उसे हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा मिली।
