इंतज़ार, बेसब्री, और एक ऐसी मोहब्बत जो हदों को तोड़ दे—इन्हीं जज़्बातों से बुनी गई है धनुष और कृति सेनन की नई फिल्म ‘तेरे इश्क में’। एक जुनूनी आशिक की कहानी, जो दिल की सुनता है और दुनिया से लड़ जाता है। निर्देशक आनंद एल राय एक बार फिर वही जादू लेकर आए हैं, जो दिल को तोड़ते हुए भी उसे प्यार करना सिखाता है।
रिलीज से पहले ट्रेलर और गानों ने दर्शकों को दीवाना बना दिया था। फैंस को जैसे सिर्फ एक मौके का इंतज़ार था—और वह मिलते ही, सिनेमाघरों के बाहर दर्शकों की लंबी कतारें दिखाई देने लगीं। नतीजा—पहले ही दिन 16.50 करोड़ की चौंकाने वाली कमाई! यह धनुष के करियर की सबसे बड़ी हिंदी ओपनर बन चुकी है।
फिल्म की शुरुआत ही एक दमदार डायलॉग से होती है—
“इश्क जब सच्चा हो न… तो जान नहीं लेता, जान दे देता है।”
धनुष का किरदार—ज़ख़्मी, जुनूनी और बेहद रोमांटिक। उनकी आँखों की बेचैनी और आवाज़ की सिहरन दर्शकों को कहानी में बांध देती है। कृति सेनन अपने किरदार में बेहद गहरी, संवेदनशील और खूबसूरत लगी हैं। उनकी और धनुष की केमिस्ट्री फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरती है।
फिल्म में एक और डायलॉग दिल में उतरता है—
“प्यार अगर तूफान है… तो मैं उसकी आँखों में खड़ी खामोशी हूँ।”
जुनून से भरी इस प्रेम कहानी को देखते हुए थिएटर में तालियाँ और सीटी दोनों गूंजती हैं। युवाओं के बीच तो यह फिल्म पहले ही दिन हिट हो चुकी है।
आनंद एल राय की छाप पूरी कहानी में महसूस होती है—
भावनाएँ, दर्द, हंसी और दिल को झकझोरती प्रेम की लड़ाई।
म्यूजिक पहले ही ट्रेंड में है—हर गाना दिल में उतर जाने वाला।
धनुष का एक और डायलॉग सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है—
“उसे खोने से अच्छा है… खुद को खत्म कर देना।”
कहानी के ट्विस्ट, क्लाइमैक्स की इमोशनल टक्कर और एक तरफ़ा इश्क की आग—दर्शकों को आख़िर तक खींचे रखती है।
पहले ही दिन 32 बड़ी फिल्मों को पछाड़ते हुए इसने जो रफ्तार पकड़ी है, उससे साफ है कि—
यह फिल्म सिर्फ हिट नहीं, सुपरहिट की ओर बढ़ रही है।
आने वाले वीकेंड में यह कमाई के और भी बड़े रिकॉर्ड तोड़ सकती है। क्रिटिक्स भी मान चुके हैं—
‘तेरे इश्क में’ उन चुनिंदा फिल्मों में शामिल होगी, जो दिल और कमाई—दोनों जीत लेती हैं।
अंत में बस इतना—
यह फिल्म मोहब्बत में लगे हर दिल की आवाज़ है।
धड़कनों में उतर जाने वाली…
आँखों को नम और होंठों को मुस्कुराने वाली…
‘तेरे इश्क में’ ने साबित कर दिया—
प्यार सिर्फ महसूस नहीं किया जाता,
प्यार… लड़ा भी जाता है

