आजमगढ़। समाजवादी पार्टी द्वारा आजमगढ़ में एक विशेष आयोजन किया गया, जिसमें 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान रेजांगला की वीरगाथा पर आधारित फिल्म “120 बहादुर” जनपद के लोगों को दिखाई गई। इस अवसर पर आजमगढ़ के सांसद धर्मेंद्र यादव सहित जिले के तमाम विधायक, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इस ऐतिहासिक युद्ध के साहसिक सच से जनता को अवगत कराना रहा।
फिल्म प्रदर्शन के उपरांत पत्रकारों से बातचीत में सांसद धर्मेंद्र यादव ने निर्माता फरहान अख्तर को बधाई देते हुए कहा कि रेजांगला की लड़ाई देश के इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय है, जिसके बारे में देश का एक बड़ा वर्ग अभी तक अनजान था। उन्होंने कहा कि “हमारे देश के 120 जवानों ने चीन के लगभग 3000 सैनिकों से अदम्य साहस के साथ मोर्चा लिया और उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। यह वीरता और पराक्रम वह इतिहास है, जिसे हर भारतीय को जानना चाहिए। इस फिल्म के माध्यम से आज पूरे देश को यह सच दिखाने का महत्वपूर्ण कार्य किया गया है।”
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि यह युद्ध केवल सैनिकों की जीत नहीं थी, बल्कि यह भारतीय स्वाभिमान और अदम्य जज़्बे की पहचान है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव को याद करते हुए कहा कि नेताजी हमेशा कहा करते थे कि “भारत के सैनिकों से बहादुर सैनिक पूरी दुनिया में नहीं हैं।” आज यह कथन इस फिल्म के माध्यम से एक बार फिर सिद्ध हो गया।
सांसद यादव ने केंद्र सरकार पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जब जवान सीमा पर खड़े होकर हर पल देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने को तैयार रहते हैं, तब सरकार उन्हें दे रही है अग्निवीर योजना—जिसमें 4 साल बाद उनका भविष्य अधर में लटक जाता है। उन्होंने कहा, “न नौकरी की गारंटी, न परिवार की सुरक्षा—यह योजना सैनिकों के मनोबल को तोड़ने वाली है। सरकार को तत्काल इस योजना को समाप्त करना चाहिए।”
इसके साथ ही सांसद ने लंबे समय से उठती आवाज़ अहीर रेजिमेंट की स्थापना की जोरदार मांग दोहराई। उन्होंने गुजरात रेजिमेंट की स्थापना की भी मांग रखते हुए केंद्र को चुनौती भरे अंदाज़ में कहा कि “दोनों प्रदेशों के वीर जब मोर्चे पर उतरेंगे तब पता चलेगा कि देशभक्ति किसके खून में ज्यादा दौड़ती है।”
उन्होंने सरकार द्वारा हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर को बाहरी दबाव में रोक देने के आरोप भी लगाए और कहा कि इससे देश के सैनिकों का मनोबल प्रभावित हुआ है। उन्होंने साफ कहा कि देश की सेनाओं का सम्मान केवल मंच पर भाषणों से नहीं, बल्कि उनके अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा से होता है।
इस मौके पर सांसद के साथ मौजूद रहे — विधायक डॉ. संग्राम यादव, अखिलेश यादव, दुर्गा प्रसाद यादव, नफीस अहमद, कमलकांत राजभर, डॉ. एच.एन. पटेल, पूनम सरोज, बेचई सरोज, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव, जिला अध्यक्ष हवलदार यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता।
समाजवादी पार्टी के इस आयोजन के माध्यम से एक बार फिर से यह संदेश स्पष्ट हुआ कि सैनिकों का सम्मान और उनके हितों की आवाज़ उठाना पार्टी की प्राथमिकताओं में सर्वोपरि है।
