आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र में देर रात उस वक्त सनसनी फैल गई जब पुलिस और लुटेरों के बीच भीषण मुठभेड़ हो गई। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका गूंज उठा। इस मुठभेड़ में पुलिस ने जौनपुर के कुख्यात लुटेरे आनंद यादव को गोली लगने के बाद दबोच लिया। बताया जा रहा है कि यही वो अपराधी था जिसने 10 अक्टूबर को अपने साथियों संग मिलकर गौरा बादशाहपुर में ग्राहक सेवा केंद्र संचालक दीपक प्रजापति से डेढ़ लाख रुपए की लूट को अंजाम दिया था।
घटना के बाद आजमगढ़ के एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने लुटेरों की धरपकड़ के लिए बरदह पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम को अलर्ट कर दिया था। देर रात थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह अपनी टीम के साथ हदीस दयालपुर के पास चेकिंग कर रहे थे, तभी एक बाइक सवार संदिग्ध युवक को रोकने का इशारा किया गया। पुलिस को देखते ही युवक ने तमंचा निकालकर फायर झोंक दिया, लेकिन पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कंट्रोल फायरिंग की। पुलिस की गोली आनंद यादव के पैर में जा लगी और वह मौके पर ही गिर पड़ा।
घायल लुटेरे को इलाज के लिए आजमगढ़ जिला अस्पताल भेजा गया है। उसके कब्जे से तमंचा, कारतूस, एक बाइक और 6300 रुपए नकद बरामद हुए हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आनंद यादव के खिलाफ पहले से देवगांव कोतवाली में चोरी का मुकदमा दर्ज है।
इसी बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली जब लूटकांड से जुड़े तीन अन्य आरोपी — आशुतोष सिंह (मेंहनाजपुर), गौरव जायसवाल (चंदवक, जौनपुर) और विपिन यादव (बरदह) को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से 92 हजार रुपए नगद और दो आधार कार्ड बरामद हुए हैं। पूछताछ में तीनों ने लूट की घटना कबूल करते हुए बताया कि लूट के पैसे को आपस में बांट लिया गया था।
हालांकि पुलिस अब भी दो फरार लुटेरों संदीप यादव और शिवम उर्फ पप्पू यादव की तलाश में दबिश दे रही है। एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है और जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
