आज़मगढ़ पब्लिक स्कूल में इन्वेस्टीचर सेरेमनी सम्पन्न, छात्र प्रतिनिधियों ने संभाला दायित्व
आज़मगढ़। शिक्षा केवल ज्ञानार्जन का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, जिम्मेदारी और नेतृत्व का भी पाठ पढ़ाती है। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए शुक्रवार को कोटिला चेक पोस्ट स्थित आज़मगढ़ पब्लिक स्कूल में इन्वेस्टीचर सेरेमनी का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में विद्यालय के छात्र-छात्राओं को नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें विद्यालय की गरिमा और अनुशासन बनाए रखने का संकल्प दिलाया गया।
दीप प्रज्वलन और स्वागत
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और वंदना से हुआ। इसके पश्चात विद्यालय परिवार ने मुख्य अतिथि श्री मनोज कुमार शर्मा (बी.आर.सी. रानी की सराय) और विशिष्ट अतिथि श्री सुनील कुमार सिंह (एस.ओ. रानी की सराय) का अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंटकर हार्दिक स्वागत किया। पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से गूँज उठा।
जिम्मेदारी का बोध
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक सी.ए. श्री मोहम्मद नोमान, प्राचार्या रूपल पंड्या, उपप्राचार्या रुना खान सहित समस्त शिक्षकगण मौजूद रहे। मंच पर जब नवनिर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों को बैज पहनाकर जिम्मेदारी सौंपी गई तो उनके चेहरों पर गर्व और आत्मविश्वास झलक उठा। सभी प्रतिनिधियों ने विद्यालय की मर्यादा, अनुशासन और शैक्षिक वातावरण को सर्वोपरि रखने की शपथ ली।
मुख्य अतिथि का संबोधन
मुख्य अतिथि श्री मनोज कुमार शर्मा (बी.आर.सी. रानी की सराय) ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा,
> “नेतृत्व केवल पद प्राप्त करने का नाम नहीं है, बल्कि यह सेवा और जिम्मेदारी निभाने का अवसर है। एक सच्चा नेता वही है जो अपने व्यवहार और आचरण से दूसरों के लिए मिसाल बने।”
उन्होंने बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, ईमानदारी और चरित्र निर्माण को जीवन का मूल मंत्र बनाने की प्रेरणा दी।
विशिष्ट अतिथि का संदेश
विशिष्ट अतिथि श्री सुनील कुमार सिंह (एस.ओ. रानी की सराय) ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि अध्ययन और अनुशासन का संतुलन ही जीवन में सफलता की कुंजी है।
> “अगर आप पढ़ाई में उत्कृष्ट हैं, लेकिन अनुशासनहीन हैं, तो सफलता अधूरी रह जाएगी। इसलिए शिक्षा और अनुशासन दोनों का साथ जरूरी है।”
उन्होंने यह उम्मीद जताई कि विद्यालय के नवनिर्वाचित छात्र प्रतिनिधि अपने कार्यों से विद्यालय की प्रतिष्ठा को और ऊँचाइयों तक पहुँचाएँगे।
विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों का मार्गदर्शन
विद्यालय के प्रबंधक सी.ए. श्री मोहम्मद नोमान ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आज़मगढ़ पब्लिक स्कूल का उद्देश्य केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ बच्चों को आदर्श नागरिक बनाने की दिशा में कार्य किया जाता है। उन्होंने छात्रों से अपेक्षा जताई कि वे समाज में नैतिक मूल्यों और सदाचार के संवाहक बनें।
वहीं, विद्यालय की प्राचार्या रूपल पंड्या ने छात्र-प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि नेतृत्व केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों को अपने व्यवहार और कार्यों के माध्यम से पूरे विद्यालय के लिए आदर्श स्थापित करना होगा।
> “नेतृत्व का अर्थ आदेश देना नहीं, बल्कि दूसरों के साथ मिलकर आगे बढ़ना है। आपको अपने आचरण से दूसरों को प्रेरित करना होगा।”
छात्रों का उत्साह और शपथ ग्रहण
जब छात्र-प्रतिनिधियों ने अपने पद की शपथ ली तो वातावरण अत्यंत भावुक और प्रेरणादायी हो गया। छोटे-छोटे छात्रों ने तालियाँ बजाकर अपने सीनियर्स का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर हेड बॉय, हेड गर्ल, हाउस कैप्टन, स्पोर्ट्स कैप्टन और अन्य प्रतिनिधियों को दायित्व सौंपा गया। प्रत्येक प्रतिनिधि ने वादा किया कि वे विद्यालय की प्रतिष्ठा, नियमों और मूल्यों की रक्षा करेंगे।
गरिमामय समापन
कार्यक्रम का संचालन सुसंगठित और आकर्षक तरीके से किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी समारोह को रोचक बनाया। अंत में उपप्रधानाचार्या रुना खान ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, विद्यालय प्रबंधन, अभिभावकों और सभी शिक्षकगणों का आभार व्यक्त किया।
