कानपुर ग्रामीण में बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए समाजवादी पार्टी आगे आई
कानपुर ग्रामीण।
कटरी क्षेत्र में गंगा की बाढ़ ने एक बार फिर तबाही मचा दी है। बिठूर के पूर्व विधायक एवं समाजवादी पार्टी (सपा) के जिलाध्यक्ष मुनीन्द्र शुक्ला ने शुक्रवार को कार्यकर्ताओं के साथ नाव के माध्यम से बनियापुरवा सहित कई बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने गांव-गांव जाकर देखा कि लोग किस तरह अपने बच्चों और जानवरों को लेकर घर छोड़ने को मजबूर हैं। बाढ़ के पानी से घिरे ग्रामीणों के सामने भोजन और आश्रय की भारी समस्या खड़ी हो गई है।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
श्री शुक्ला ने कहा कि प्रशासन की ओर से राहत और भोजन की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। प्रभावित लोग अपने हाल पर छोड़ दिए गए हैं। मजबूर होकर ग्रामीण गंगा बैराज के किनारे पलायन कर रहे हैं और खुले आसमान के नीचे बच्चों व मवेशियों के साथ दिन-रात गुजार रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की हालत बेहद गंभीर है—न तो उन्हें फसल का मुआवजा मिल रहा है और न ही जीवनयापन का सहारा।
बांध निर्माण रद्द करने पर भाजपा सरकार को घेरा
पूर्व विधायक ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान 2012 में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बाढ़ से बचाव हेतु 475 करोड़ रुपये की लागत से बांध निर्माण की स्वीकृति दी थी। लेकिन भाजपा सरकार ने उस परियोजना को रद्द कर दिया। नतीजा यह है कि आज भी हर साल करीब 25 गांव बाढ़ की चपेट में आकर तबाह हो जाते हैं।
प्रभावित गांवों की स्थिति
जिन गांवों में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर है उनमें बनियापुरवा, भोपालपुरवा, दुर्गापुरवा, मक्कापुरवा, लच्छीमनपुर, गिल्लीपुरवा, भगवानदीनपुरवा, शिवदीनपुरवा, पुराना डल्लापुरवा, प्रतापपुरहरी, नया डल्लापुरवा, पपरिया, भारतपुरवा, चिरान, तीसझा और हृदयपुर शामिल हैं। इन गांवों के लोग लगातार जलभराव और प्रशासनिक उदासीनता से त्रस्त हैं।
सपा ने खोला राहत केंद्र
ग्रामीणों की कठिनाइयों को देखते हुए समाजवादी पार्टी ने गंगा बैराज हाईवे मार्ग पर बनियापुरवा पुलिस चौकी के सामने बाढ़ राहत केंद्र स्थापित किया है। यहां पर प्रभावितों को दिन में दो समय ताजा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही बीमार ग्रामीणों के इलाज की भी व्यवस्था की गई है।
कार्यकर्ताओं का सहयोग
राहत केंद्र को सफल बनाने में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता जुटे हुए हैं। इनमें सर्वेश यादव, देशराज निषाद, आजाद निषाद, राजकुमार निषाद, मनोज निषाद, राहुल निषाद, अवधेश निषाद, बालचंद निषाद, मनोहर निषाद, गोबिंद निषाद, अजीत पाल, कालीचरन सोनकर, मोनू यादव, संजय यादव, अभिनव शर्मा, अनुज पाल, नितिन पाल, अमित पाल, महेन्द्र पाल, मुन्ना लाल निषाद, रामलाल विश्वकर्मा, कल्याण निषाद, विशाल निषाद, शिवकुमार निषाद, अंकुर निषाद, नन्हा निषाद और लाथेन निषाद सहित कई कार्यकर्ताओं ने सक्रिय योगदान दिया है।
ग्रामीणों की उम्मीद
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार से राहत न मिलने के कारण सपा कार्यकर्ताओं द्वारा चलाए जा रहे राहत केंद्र ही उनके लिए जीवनरेखा साबित हो रहे हैं। लोग उम्मीद जता रहे हैं कि जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकले ताकि हर साल बाढ़ से जूझने की मजबूरी से छुटकारा मिल सके।
