प्रयागराज। घूरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बुदांवा के एक पत्रकार पर भूमाफियाओं द्वारा जान से मारने और गायब कराने की धमकी देने का मामला लगातार सुर्खियों में है। पीड़ित पत्रकार परवेज आलम ने इस संबंध में एसडीएम बारा, थाना घूरपुर, एसीपी कौंधियारा से लेकर पुलिस कमिश्नर प्रयागराज तक लिखित सूचना दी है। बावजूद इसके अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
पीड़ित का आरोप है कि कुछ तथाकथित लोग, जो खुद को बड़े बैनर का पत्रकार बताते हैं, भूमाफियाओं का खुलकर समर्थन कर रहे हैं। यही कारण है कि पुलिस प्रशासन मामले में ढिलाई बरत रहा है। परवेज आलम ने बताया कि ये बड़े नाम वाले पत्रकार सुबह-शाम थाने के आस-पास मंडराते रहते हैं और पुलिस पर दबाव बनाकर सही कार्यवाही को रोकने का काम करते हैं।
छोटे पत्रकारों की अनदेखी
परवेज आलम का कहना है कि छोटे पत्रकार पूरी निष्ठा और मेहनत से समाज को आईना दिखाने का काम करते हैं। चाहे खबर छोटी हो या बड़ी, स्थानीय स्तर पर वही पत्रकार हैं जो सच्चाई को उजागर करते हैं। जबकि बड़े बैनर से जुड़े लोग अक्सर समाज और प्रशासन के बीच अपनी पहचान का इस्तेमाल सिर्फ व्यक्तिगत फायदे के लिए करते हैं।
समाज को जागरूक करने में अहम भूमिका
ग्रामीण क्षेत्रों की अनेक समस्याएं छोटे पत्रकारों के प्रयासों से ही सामने आती हैं। यदि यह स्थानीय मीडिया न हो तो गांव-देहात से निकलने वाली आवाजें कभी समाज और प्रशासन तक नहीं पहुंच पातीं। बावजूद इसके, बड़े नाम बताने वाले कथित पत्रकार छोटे पत्रकारों के प्रयासों को दबाने का काम करते हैं।
न्याय की आस लगाए पीड़ित
परवेज आलम ने कहा कि वह आज भी न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े पत्रकार कहलाने वाले कुछ लोग पुलिस और प्रशासन पर दबाव बनाकर कार्रवाई रोकने का काम कर रहे हैं। “मैं खुद इसका शिकार हो गया हूं। अब देखना यह है कि पुलिस कब तक इस मामले में कार्यवाही करती है,” उन्होंने कहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पत्रकार सुरक्षित नहीं रहेंगे तो ग्रामीण क्षेत्रों की सच्चाई कभी सामने नहीं आ पाएगी। मामला अब जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन की निष्पक्ष कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
