लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ में प्रेस वार्ता कर योगी सरकार को शिक्षा, रोजगार, आरक्षण और प्रशासनिक मुद्दों पर घेरते हुए जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार जनता को गुमराह कर रही है और वादों के नाम पर केवल धोखा दिया गया है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश की सरकार ने जो स्कूल पहले बंद किए थे, वे आज तक शुरू नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा, “सरकार नहीं चाहती है कि बच्चे पढ़ाई करें। पढ़ाई की जगह प्रदेश में शराबखोरी को बढ़ावा दिया जा रहा है। यूपी में शराब की इतनी दुकानें खोल दी गई हैं कि संख्या न्यूयॉर्क से भी ज्यादा हो गई है।”
उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर पीडीए पाठशालाओं पर कार्रवाई कर रही है, तो दूसरी ओर शराब की दुकानों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “पाठशाला चलाने वालों पर तो अंग्रेजों ने भी इतना अत्याचार नहीं किया था, जितना यह सरकार कर रही है।”
69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण के मुद्दे को लेकर उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी लगातार सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। “सरकार पिछड़ों और दलितों का हक छीन रही है। अच्छे दिन लाने का वादा करने वाली सरकार ने युवाओं के भविष्य पर ही ताला जड़ दिया है,” अखिलेश ने कहा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि पूरी बीजेपी अंदर से दुखी है क्योंकि जो कभी पार्टी का सदस्य नहीं था, वही मुख्यमंत्री बना दिया गया। “यह सरकार जनता की समस्याओं का हल नहीं निकालती बल्कि केवल दूसरों के काम का श्रेय छीन लेती है,” उन्होंने आरोप लगाया।
साथ ही विधायक पूजा पाल की चिट्ठी विवाद पर गंभीर आरोप लगाते हुए अखिलेश ने कहा कि यह पत्र असल में किसी और से लिखवाया जा रहा है। “सुना है कि प्रदेश के एक डिप्टी सीएम इसमें शामिल हैं और कोई बंसल नामक व्यक्ति भी इस साजिश का हिस्सा बताया जा रहा है। यह सब विपक्षी नेताओं को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है।”
प्रेस कांफ्रेंस में अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का जिक्र करते हुए भी अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तंज कसा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के बयान का हवाला दिया, जिसमें ठाकुर ने कहा था कि अंतरिक्ष के पहले यात्री भगवान हनुमान जी थे। इस पर अखिलेश ने कहा, “बीजेपी हर बात का श्रेय लेने में लगी रहती है। दुख की बात यह है कि भगवान हनुमान जी बीजेपी के सदस्य नहीं हैं, वरना ये सरकार उन्हें भी अपनी उपलब्धि बताकर प्रचार करती।”
सपा अध्यक्ष के तीखे हमलों ने प्रदेश की सियासत को एक बार फिर गरमा दिया है। जहां सपा लगातार बेरोजगारी, आरक्षण और शिक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेर रही है, वहीं भाजपा सरकार विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताकर अपनी उपलब्धियां गिनाने में जुटी है। लेकिन अखिलेश यादव के ताजा बयान से साफ है कि 2027 के चुनावी समीकरण को लेकर विपक्ष अभी से आक्रामक रणनीति पर काम कर रहा है।
