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आजमगढ़ : राखी के रंग में रंगा महादेवी स्कूल, नन्हे हाथों ने बांधी प्रेम की डोरी

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हादेवी हायर सेकेंडरी स्कूल में राखी सेलिब्रेशन व प्रतियोगिताओं का आयोजन, बच्चों में झलकी रचनात्मकता

आजमगढ़ :- तिवारीपुर सिधारी स्थित महादेवी हायर सेकेंडरी स्कूल में रक्षाबंधन के अवसर पर राखी सेलिब्रेशन का रंगारंग आयोजन हुआ। इस मौके पर विद्यालय परिसर में भाईचारे, प्रेम और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में राखी बनाओ एवं कलश सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा खूब निखरकर सामने आई।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके बाद कक्षा प्रथम की नन्ही-मुन्नी छात्राओं ने अपने भाइयों की कलाइयों पर राखी बांधी और रक्षा का वचन लिया। यह भावुक क्षण पूरे समारोह का सबसे खास हिस्सा रहा।

प्रतियोगिताओं में दिखा हुनर


“प्रेम की डोरी” शीर्षक वाली राखी बनाओ प्रतियोगिता में कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। वहीं, “भारतीय त्योहार” विषय पर हुई कलश सज्जा प्रतियोगिता में कक्षा 9 से 12 के छात्रों ने अपनी कला और कल्पनाशक्ति का अनोखा मिश्रण प्रस्तुत किया। रंगों, डिजाइनों और साज-सज्जा में भारतीय संस्कृति की झलक साफ नजर आई।

नेताओं के विचार


कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के एक्टिविटी इंचार्ज शरद गुप्ता एवं धीरेंद्र मोहन ने किया। विद्यालय के प्रबंधक डी.पी. मौर्य ने कहा, “चरित्र, स्वास्थ्य और संस्कार – इन तीनों को साथ लेकर चलना ही महान व्यक्ति की पहचान है। प्रेम की डोरी केवल एक डोरी नहीं, बल्कि प्रेम, त्याग और रक्षा की मिसाल है।” उन्होंने सभी को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।

प्रधानाचार्य रामनयन मौर्य ने कहा, “ऐसे आयोजन बच्चों में रचनात्मक विकास को बढ़ावा देते हैं और उन्हें भारतीय संस्कृति एवं त्योहारों की महत्ता समझाते हैं।”
उप-प्रधानाचार्य एस.एन. यादव ने कहा, “रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा का प्रतीक है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों में आपसी स्नेह को गहरा करना है।”

शिक्षकों का योगदान


राखी सेलिब्रेशन की सफलता में विद्यालय के कोऑर्डिनेटर आनंद मौर्य, राम चरण मौर्य, दीपिका सिंह, दिनेश यादव, मीनाक्षी अस्थाना, किशन यादव, राहुल तिवारी, अजय कुमार यादव, आरोही मोदनवाल, आदित्य मिश्रा एवं प्रेमा यादव सहित सभी शिक्षकों और शिक्षिकाओं का सराहनीय योगदान रहा।

सांस्कृतिक सौहार्द का संदेश


यह आयोजन न केवल एक प्रतियोगिता था, बल्कि प्रेम, सम्मान और भाईचारे का संदेश भी लेकर आया। बच्चों के उत्साह, शिक्षकों की मेहनत और आयोजकों की लगन ने रक्षाबंधन के इस पर्व को यादगार बना दिया। विद्यालय में हर ओर उल्लास और खुशियों का माहौल छाया रहा।

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