ख़बर कवरेज करने गए पत्रकार को मिली जान से मारने की धमकी, महिला ने लगाई न्याय की गुहार
जसरा (प्रयागराज)। घूरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सभा बूंदावा बुदावा में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक पट्टा धारक महिला और स्थानीय पत्रकार को भूमाफियाओं ने गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दे दी। घटना के बाद पीड़ित महिला और पत्रकार ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम सभा बूंदावा बुदावा निवासी पीड़िता जहां आरा पत्नी स्वर्गीय अनवर हुसैन अपने पट्टे की जमीन पर सफाई कर रही थीं। उसी दौरान गांव के ही कथित भूमाफिया सज्जाद, सेबू, शमशाद, शहनवाज उर्फ़ मोनू, अफजाल अहमद और उनके कुछ सहयोगी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि इन लोगों ने महिला को गाली-गलौज करते हुए जमीन पर अपना हक जताया और वहां से हटने के लिए दबाव बनाने लगे।
इस दौरान विवाद बढ़ता देख मौके से गुजर रहे एक स्थानीय पत्रकार ने घटना की कवरेज शुरू कर दी। पत्रकार के मुताबिक, जैसे ही वह कैमरे में वीडियो रिकॉर्ड करने लगे, भूमाफिया गुट ने उन्हें भी गाली-गलौज करते हुए कवरेज रोकने को कहा। पत्रकार के इनकार करने पर आरोपियों ने धमकी भरे स्वर में कहा— “अतीक अहमद के करीबियों में से हूं, तुम्हें भी देख लूंगा, पत्रकारिता करना भुला दूंगा।”
पीड़ित पत्रकार ने स्पष्ट कहा है कि अगर उनकी जान को कोई खतरा होता है तो इसके लिए वही लोग जिम्मेदार होंगे। महिला ने भी घूरपुर थाने में लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता जहां आरा का कहना है कि यह जमीन उनके नाम पर पट्टा है और कागज़ात भी मौजूद हैं, फिर भी भूमाफिया लगातार कब्जे की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने उपजिला अधिकारी बारा से भी न्याय की गुहार लगाई है। महिला ने आरोप लगाया कि भूमाफिया गैंग की संपत्ति, गाड़ियों और अवैध कारोबार में दिनों-दिन इजाफा हो रहा है, लेकिन प्रशासन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। उन्होंने मांग की कि इन लोगों की प्रॉपर्टी और आय की जांच इनकम टैक्स व ईडी जैसी एजेंसियों से कराई जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में भूमाफियाओं का आतंक लगातार बढ़ रहा है। जमीन विवाद, अवैध कब्जे और धमकियों के मामलों में अक्सर गरीब और कमजोर वर्ग के लोग शिकार बनते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ितों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस ने बताया कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कानूनन कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला न केवल महिला उत्पीड़न का है, बल्कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता और सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा करता है। पत्रकार संघों ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि सच दिखाने वालों को धमकाना लोकतंत्र पर सीधा हमला है। अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन आरोपियों पर कितनी जल्दी और सख्ती से कार्रवाई करता है।
