छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र की 93वीं जयंती पर आजमगढ़ समाजवादी पार्टी कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा, आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
आजमगढ़ :- समाजवादी विचारधारा के प्रबल प्रवक्ता, प्रखर वक्ता और ‘छोटे लोहिया’ के नाम से प्रसिद्ध पूर्व राज्यसभा सांसद स्वर्गीय जनेश्वर मिश्र की 93वीं जयंती आज समाजवादी पार्टी कार्यालय, जनपद आजमगढ़ में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
जयंती समारोह की अध्यक्षता करते हुए समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि जनेश्वर मिश्र अपने जीवन में मन, वचन और कर्म से पूरी तरह समाजवादी रहे। उन्होंने डॉ. राममनोहर लोहिया के सान्निध्य में रहकर समाजवादी आंदोलन को नयी दिशा दी। वे न केवल एक सच्चे समाजवादी थे, बल्कि उनकी सादगी, ईमानदारी और जनसेवा की भावना आज भी पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्त्रोत है।
हवलदार यादव ने कहा, “जनेश्वर बाबू को जब मंत्री बनने का अवसर मिला, तब भी उन्होंने अपनी ईमानदारी से कभी समझौता नहीं किया। नेताजी मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में जब-जब आंदोलन हुए, वे अग्रिम पंक्ति में संघर्ष करते नजर आए। उन्होंने स्वयं कहा था कि मेरी अंतिम सांस भी जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए सड़कों पर निकले, और 22 जनवरी 2010 को इलाहाबाद में आंदोलन के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद नंदकिशोर यादव ने कहा कि जनेश्वर मिश्र जी केवल एक नेता नहीं, बल्कि समाजवाद की जीवित प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे उनके विचारों और आदर्शों को आत्मसात करें और संगठन को मजबूती प्रदान करें।
जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव, विधायक डॉ. संग्राम यादव, पूजा सरोज, रामप्यारे यादव, अजीत कुमार, विवेक सिंह, हरिश्चंद यादव, जवाहर यादव, जगदीश प्रसाद, हंसराज यादव और सूरज राजभर समेत बड़ी संख्या में समाजवादी नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।
वक्ताओं ने कहा कि समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए जनेश्वर मिश्र जी के आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उनके विचारों में गरीब, किसान, मजदूर, अल्पसंख्यक, पिछड़े और वंचित वर्ग के प्रति विशेष संवेदना थी।
कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने यह संकल्प लिया कि वे जनेश्वर मिश्र के बताए मार्ग पर चलकर सन् 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाएंगे और जनता के हितों के लिए निरंतर संघर्षरत रहेंगे।
इस अवसर पर समाजवादी पार्टी कार्यालय में भावनात्मक वातावरण रहा और सभी ने “छोटे लोहिया अमर रहें” के नारों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी।
