रेल मंत्री से नियम 377 के तहत विशेष आग्रह, आजमगढ़ को ‘उचित रेल सुविधाएं’ देने की मांग
आजमगढ़: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और आजमगढ़ से सांसद धर्मेंद्र यादव ने लोकसभा के मानसून सत्र के दूसरे ही दिन आजमगढ़ को समुचित रेल सुविधाएं दिलाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई। नियम 377 के तहत बोलते हुए सांसद यादव ने रेल मंत्री भारत सरकार से अपील की कि आजमगढ़ जैसे बड़े और महत्वपूर्ण क्षेत्र को रेल सेवाओं में नजरअंदाज न किया जाए।
सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि आजमगढ़, जिसकी आबादी लगभग 46 लाख है, एक कमिश्नरी मुख्यालय होने के बावजूद अब भी रेल सेवाओं के मामले में वंचित है। उन्होंने कहा कि “यह क्षेत्र लगभग उद्योग शून्य है, जिस कारण यहां के हजारों-लाखों युवा रोजगार के लिए मुंबई, दिल्ली जैसे महानगरों की ओर पलायन करते हैं। बावजूद इसके, रेल सुविधाएं सीमित और असुविधाजनक हैं।”
उन्होंने रेल मंत्री का ध्यान खासकर आजमगढ़–मुंबई रेल मार्ग की ओर आकर्षित किया। यादव ने मांग की कि गाड़ी संख्या 20103/20104 मुंबई–गोरखपुर सुपरफास्ट ट्रेन का विस्तार स्थाई रूप से आजमगढ़ तक किया जाए। वर्तमान में यह ट्रेन आजमगढ़ होकर नहीं जाती है, जिससे लोगों को कई बार वाराणसी या गोरखपुर जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है। इससे न केवल समय बल्कि संसाधनों की भी बर्बादी होती है।
इसके अतिरिक्त सांसद धर्मेंद्र यादव ने प्रस्तावित आजमगढ़–बांद्रा ट्रेन को शीघ्र एवं प्रतिदिन शुरू करने की अपील की। उनका कहना है कि यह सेवा मुंबई और गुजरात की ओर काम करने वाले हजारों श्रमिकों के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है।
दिल्ली मार्ग को लेकर भी सांसद धर्मेंद्र यादव ने अहम सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि ट्रेन संख्या 12527/12528 की समय सारिणी को शिवगंगा एक्सप्रेस के अनुरूप कर दिया जाए और इसे भी प्रतिदिन संचालित किया जाए। फिलहाल यह ट्रेन सप्ताह में कुछ ही दिन चलती है, जिससे दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को काफी असुविधा होती है।
सांसद धर्मेंद्र यादव ने यह भी आग्रह किया कि मऊ से आजमगढ़ होकर लखनऊ के लिए एक दैनिक इंटरसिटी ट्रेन चलाई जाए, जिससे पूर्वांचल और राजधानी के बीच संपर्क बेहतर हो सके।
सांसद ने बताया कि आजमगढ़ रेलवे स्टेशन ‘ए’ श्रेणी में आता है, जहां 24 कोच की वाशिंग पिट और मेंटेनेंस की सुविधा पहले से मौजूद है, फिर भी यह स्टेशन अपेक्षित रेल सुविधाओं से वंचित है।
उन्होंने अंत में कहा कि “रेल मंत्री जी से मेरा विनम्र अनुरोध है कि आजमगढ़–मुंबई और आजमगढ़–दिल्ली मार्ग को प्राथमिकता देते हुए अन्य रेल सुविधाएं भी शीघ्र लागू की जाएं ताकि पूर्वांचल के लाखों लोगों को राहत मिल सके।”
सांसद की इस मांग का समर्थन करते हुए क्षेत्र की जनता में भी उम्मीद जगी है कि इस बार आजमगढ़ की रेल सुविधाएं वास्तव में सुधरेंगी और वर्षों की उपेक्षा खत्म होगी।
