आज़मगढ़। जिले की साइबर सेल ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है जो खुद को आईएएस अधिकारी और राजभवन का सचिव बताकर ग्राम प्रधानों एवं पूर्व प्रधानों से लाखों रुपये की ठगी करता था। आरोपी की पहचान बाराबंकी जिले के असंद्र थाना क्षेत्र निवासी पंकज यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं और ठगी के अन्य मामलों की जांच शुरू कर दी है।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने सोमवार को इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी पंकज यादव NIC की वेबसाइट से ग्राम प्रधानों और पूर्व प्रधानों की सूची प्राप्त करता था। इसके बाद वह खुद को राजभवन का सचिव हर्षवर्धन सिंह राठौर बताकर प्रधानों को फोन करता और भ्रष्टाचार के नाम पर कार्रवाई की धमकी देता था। भयभीत होकर कई लोगों ने उसके बताए खातों में रकम ट्रांसफर कर दी।
इस पूरे मामले की शुरुआत मुबारकपुर थाना क्षेत्र के निवासी ग्राम प्रधान पति मोहम्मद आरिफ खान की शिकायत से हुई। उन्होंने साइबर सेल को दी गई तहरीर में बताया कि एक व्यक्ति ने खुद को राजभवन का सचिव बताकर उनसे 8,26,995 रुपये की ठगी की है। पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान कर ली।
पुलिस दबाव बढ़ने पर आरोपी ने खुद को मृत घोषित करने की साजिश रची। उसने अपने एक साथी से मृत अवस्था की फोटो खिंचवाकर गांव में यह प्रचारित करवा दिया कि उसकी मौत हो चुकी है। लेकिन पुलिस ने जब मोबाइल नंबर और बैंक खाते की निगरानी की तो लगातार लेन-देन की पुष्टि हुई, जिससे उसकी चालाकी उजागर हो गई।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जा रहा है। आरोपी के मोबाइल और बैंक खातों की गहन जांच जारी है। अब तक कई और लोगों से ठगी की पुष्टि हुई है, जिसके आधार पर अतिरिक्त मुकदमे दर्ज किए जाएंगे और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
