आजमगढ़, मेंहनगर। जनपद के मेंहनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सिंहपुर निवासी 21 वर्षीय दलित युवक योगेश कुमार पुत्र श्याम बलिराम की 10 जुलाई 2025 की रात को संदिग्ध परिस्थितियों में निर्मम हत्या कर दी गई। इस जघन्य घटना से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। समाजवादी पार्टी सहित कई विपक्षी नेताओं ने इसे जातिगत हिंसा और सरकार की विफलता करार दिया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने एक जांच कमेटी गठित की, जो पीड़ित परिवार से मिलकर घटनास्थल का निरीक्षण करने और पीड़ितों को न्याय दिलाने हेतु जिला प्रशासन से वार्ता करने गई। कमेटी ने शोकाकुल परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की और योगेश की मौत को नृशंस हत्या बताते हुए सच्चाई सामने लाने की मांग की।
विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट संदिग्ध प्रतीत हो रही है और इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग करते हुए कहा कि इस मामले की गहराई से जांच कर दोषियों को सजा दी जानी चाहिए।
पूर्व मंत्री व विधायक दुर्गा प्रसाद यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में पीड़ित, दलित और वंचित वर्ग को न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वर्ग विशेष के लोगों को अपराध की खुली छूट दे रही है, जिससे अपराधी बेखौफ होकर ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
सपा विधायक नफीस अहमद, डॉ. संग्राम यादव और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संयुक्त बयान में कहा कि भाजपा सरकार शोषित और अल्पसंख्यकों की दुश्मन बन चुकी है। वहीं, विधायक बेचई सरोज और पूजा सरोज ने इसे लोकतंत्र और संविधान पर हमला बताया।
पूर्व एमएलसी कमला प्रसाद यादव और सपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव अजीत कुमार राव ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार की कथनी और करनी में भारी अंतर है, और दलितों पर हो रहे अत्याचार अब बर्दाश्त से बाहर हैं।
इस दौरान मौके पर डॉ. धनराज यादव, आशुतोष चौधरी, बबीता चौहान, द्रौपदी पांडेय, अशोक यादव, पारस यादव, आशीर्वाद यादव व डॉ. अनीता गौतम समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कमेटी ने जिलाधिकारी व एसपी से मिलकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
योगेश की मौत ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पीड़ित परिवार को कब और कैसे न्याय मिलेगा।
