आजमगढ़ जिले के एक छोटे से गांव दावनपारा में एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यह कहानी सिर्फ एक हत्या की नहीं, बल्कि उन टूटे हुए रिश्तों और प्रेम के उस पागलपन की है जो किसी को मरने और किसी को मारने पर मजबूर कर देता है।
30 वर्षीय अमरावती उर्फ नीतू, एक विवाहित महिला थी। उसके पति संजय कुमार से उसका वैवाहिक जीवन सामान्य नहीं था। कुछ समय बाद वह अपने आसपास के दो अन्य युवकों से भी संबंध बनाने लगी। यह रिश्ते पहले तो छिपकर चलते रहे लेकिन धीरे-धीरे इनमें टकराव शुरू हो गया। अमरावती का एक प्रेमी विकास, जो कि महज 19 साल का था, उससे उम्र में काफी छोटा था। मगर दोनों के बीच नजदीकियां थीं। फोन पर बातचीत और मिलने-जुलने का सिलसिला चलता रहा।
जैसे ही विकास को पता चला कि अमरावती किसी और युवक से भी बात करती है और वह उसके जीवन में सिर्फ ‘एक’ नहीं रही, तो वह टूट गया। उसने धीरे-धीरे उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। यह बात अमरावती को नागवार गुजरी। वह चाहती थी कि विकास उसे उसी तरह प्यार करे जैसे पहले करता था।
2 जुलाई की दोपहर को अमरावती ने विकास को फोन किया और शिकायत की कि वह अब उसका फोन नहीं उठाता, उससे बात नहीं करता। विकास ने जवाब में कहा कि जब तुम किसी और से भी बात करती हो, तो मेरे साथ रिश्ते की क्या जरूरत है। मगर अमरावती हार मानने को तैयार नहीं थी।
वह सीधे विकास के घर के पीछे आ पहुंची, जहां वह लकड़ी काट रहा था। बातचीत के दौरान बात बढ़ती गई और अमरावती ने कथित रूप से विकास के बाल पकड़ लिए और मारने की कोशिश की। गुस्से में तमतमाए विकास ने पास में रखी कुल्हाड़ी उठाई और अमरावती की गर्दन पर वार कर दिया। वह वहीं गिर पड़ी और कुछ ही पलों में उसकी जान चली गई।
हत्या के बाद विकास डर गया। उसने कुल्हाड़ी और अमरावती का मोबाइल फोन उठाया और खेतों के रास्ते होते हुए सर्विस लेन की तरफ भाग गया। रास्ते में उसने मोबाइल की सिम तोड़कर फेंक दी और झाड़ियों में कुल्हाड़ी व मोबाइल को छिपा दिया।
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजन जब महिला को ढूंढते हुए बाथरूम तक पहुंचे तो वहां का मंजर भयावह था। अमरावती खून से लथपथ पड़ी थी। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद मृतका के पति संजय कुमार ने चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जांच तेज की और जल्द ही आरोपी विकास को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और मृतका का मोबाइल बरामद कर लिया गया।
प्रेस वार्ता में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि आरोपी ने प्रेम-प्रसंग में आए खटास को लेकर हत्या की बात कबूली है। उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए कहा जा सकता है कि यह एकतरफा प्रेम की परिणति थी, जो हत्या तक जा पहुंची।
यह घटना समाज को एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि भावनाओं का संतुलन न खोने की कितनी आवश्यकता है। प्रेम, विश्वास और ईमानदारी अगर एक रिश्ते की नींव होते हैं, तो असंतुलन, शक और स्वार्थ उसके पतन का कारण बनते हैं।
अमरावती अब इस दुनिया में नहीं है। विकास सलाखों के पीछे है। और संजय, वह एक ऐसा पति है जो शायद अब भी नहीं समझ पाया होगा कि उसकी पत्नी किन भावनाओं में उलझी हुई थी।
दावनपारा गांव की यह घटना एक चेतावनी है कि रिश्ते जब बोझ बन जाएं, तो संवाद से समाधान खोजें, न कि खून से।
